एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा
अभिनेता आमिर खान ने अपनी पत्नी गौरी स्प्रैट के साथ शादी को लेकर सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे 'लव जिहाद' के आरोपों पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी गौरी स्प्रैट ईसाई हैं और उन्होंने शादी के बाद इस्लाम धर्म नहीं अपनाया। आमिर ने यह भी कहा कि उनकी पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण राव ने भी विवाह के बाद कभी धर्म परिवर्तन नहीं किया।
हाल के दिनों में आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे और चर्चाएं सामने आई थीं। इन्हीं आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए आमिर ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी को लेकर फैलाई जा रही कई बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को बिना पूरी जानकारी के किसी भी तरह के निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
आमिर खान ने बताया कि उनकी तीनों शादियां सिविल मैरिज के तहत हुई हैं। उनके अनुसार, उनके परिवार में हमेशा से अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच विवाह होते रहे हैं और परिवार सभी धर्मों का समान सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि उनकी दोनों बहनों की शादी भी हिंदू परिवारों में हुई है, जो उनके परिवार की समावेशी सोच और विविधता को दर्शाता है।
गौरी स्प्रैट के धर्म को लेकर चल रही चर्चाओं पर आमिर ने कहा कि वह ईसाई हैं और धार्मिक रूप से बहुत सक्रिय भी नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पत्नी ने कभी धर्म परिवर्तन नहीं किया और न ही ऐसा कोई दबाव या आवश्यकता थी। आमिर के मुताबिक, उनके परिवार में हमेशा व्यक्तिगत स्वतंत्रता और एक-दूसरे की आस्था का सम्मान किया जाता है।
'लव जिहाद' जैसे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए आमिर खान ने कहा कि समय के साथ इस तरह की बातें और भी हास्यास्पद होती जा रही हैं। उन्होंने दोहराया कि उनके परिवार ने हमेशा सभी धर्मों के प्रति सम्मान और आपसी समझ की भावना को महत्व दिया है। उनका कहना है कि किसी भी रिश्ते की नींव विश्वास, सम्मान और व्यक्तिगत पसंद पर आधारित होती है, न कि धर्म पर।
आमिर खान का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उनकी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चाएं और दावे किए जा रहे थे। उनके इस स्पष्टीकरण के बाद इस पूरे विवाद पर नई बहस शुरू हो गई है।







