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इंजीनियरिंग से राजनीति तक, निशांत कुमार ने संभाली मंत्री पद की जिम्मेदारी

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

पटना, बिहार के मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने सक्रिय राजनीति में औपचारिक तौर पर कदम रखते हुए पहली बार मंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की है।

राजधानी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में निशांत कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कोटे से मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं, समर्थकों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही।

निशांत कुमार का शैक्षणिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पटना स्थित सेंट कैरेंस स्कूल से पूरी की। इसके बाद आगे की शिक्षा के लिए वे मसूरी के मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल गए, जहां से उन्होंने स्कूली शिक्षा जारी रखी।

उच्च शिक्षा के लिए निशांत कुमार ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा का रुख किया और वहां से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। तकनीकी पृष्ठभूमि से आने वाले निशांत लंबे समय तक राजनीति से दूरी बनाए हुए थे।

वर्ष 2007 में उनकी माता मंजू सिन्हा के निधन के बाद उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि उनकी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है और वे आध्यात्मिक जीवन की ओर झुकाव रखते हैं। इसी वजह से वे लंबे समय तक राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक आयोजनों से दूर ही नजर आए।

हालांकि वर्ष 2024 के बाद उनके रुख में बदलाव देखने को मिला। इस दौरान वे कई मौकों पर अपने पिता नीतीश कुमार के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक आयोजनों में दिखाई देने लगे। इसके बाद से ही उनके सक्रिय राजनीति में आने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

अब मंत्री पद की शपथ लेने के साथ निशांत कुमार ने बिहार की राजनीति में अपनी औपचारिक एंट्री कर ली है। राजनीतिक गलियारों में इसे जदयू और नीतीश कुमार की नई पीढ़ी के नेतृत्व की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।