विदेश डेस्क, नीतीश कुमार।
जकार्ता। इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में शनिवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद के झटकों में 51 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 113 लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) के अनुसार, 9,290 लोगों को राहत और निकासी केंद्रों में शरण लेनी पड़ी है।
मंगराई में सबसे ज्यादा 23 लोगों की मौत
बीएनपीबी के डेटा, सूचना एवं आपदा संचार केंद्र के कार्यवाहक प्रमुख बर्टन एसपी पंजैतान ने रविवार को बताया कि सिका जिले में सबसे ज्यादा 3,356 लोग और मंगराई में 2,078 लोग राहत शिविरों में हैं।बीएनपीबी के मुताबिक, भूकंप के बाद 341 झटके दर्ज किए गए। मंगराई में 23, पूर्वी मंगराई में 17, सिका में चार और पश्चिमी मंगराई, एंदे तथा नागेकेओ में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।
पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांतीय सरकार ने भूकंप के बाद 15 से 28 अगस्त तक 14 दिन की आपातकालीन प्रतिक्रिया अवधि घोषित की है। राज्यपाल मेल्की लाका लेना की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी।
भूकंप से 1,357 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 914 मकानों को भारी, 126 को मध्यम और 317 को मामूली नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 93 शैक्षणिक संस्थानों, 36 स्वास्थ्य केंद्रों और 38 सरकारी कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचा है।
सिका में 1,356 लोग स्पोर्ट्स हॉल में ठहरे
सिका जिले में 1,356 लोग समाडोर स्पोर्ट्स हॉल में शरण लिए हुए हैं। वहीं करीब 2,000 लोग 10 अलग-अलग स्थानों पर रह रहे हैं। नागेकेओ, पश्चिम नुसा तेंगारा के बिमा शहर और दक्षिण सुलावेसी के सेलयार द्वीप समूह में भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
राहत शिविरों में बुनियादी सुविधाओं पर जोर
बर्टन ने कहा कि आपातकालीन प्रतिक्रिया के दौरान राहत शिविरों में रह रहे लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी करना और जरूरी सामग्री पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मंगराई जिले में प्रभावित लोगों के लिए आपातकालीन तंबू, 30 टन चावल, दवाइयां, 1,000 कंबल, 1,000 फोल्डिंग बेड, 1,000 चटाइयां, स्वच्छ पानी, पानी की टंकियां और जनरेटर की तत्काल जरूरत है।
पहले 47 मौत और 101 घायलों की जानकारी थी
बीएनपीबी ने इससे पहले 47 लोगों की मौत और 101 लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। राहत और बचाव कार्य जारी रहने के साथ मृतकों और घायलों के आंकड़ों का सत्यापन किया जा रहा है।







