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इंदौर-खंडवा हाईवे परियोजना 88 फीसदी पूरी, इसी साल शुरू होगा आवागमन

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

नई दिल्ली, मध्य प्रदेश में निर्माणाधीन इंदौर-खंडवा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का तेजाजी नगर-बलवाड़ा खंड तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। इस हिस्से में चार लेन सड़क और तीन आधुनिक सुरंगों का निर्माण करीब 88 प्रतिशत पूरा हो चुका है। केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि परियोजना को इसी वर्ष वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे घाटी क्षेत्र में सफर पहले की तुलना में काफी आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार परियोजना के तहत भेरूघाट, बैग्राम और चोरल घाट में बनाई जा रही सुरंगों का काम लगभग समाप्ति पर है। इन सुरंगों की लंबाई क्रमशः 575 मीटर, 480 मीटर और 550 मीटर है। अधिकारियों का कहना है कि इन आधुनिक सुरंगों के चालू होने से लंबे समय से दुर्घटनाओं के लिए बदनाम घाटी मार्गों के ब्लैक स्पॉट खत्म हो जाएंगे और यात्रियों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।

मंत्रालय ने बताया कि मौजूदा समय में घाटी क्षेत्र की संकरी और घुमावदार सड़कें वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी रहती हैं। भारी वाहनों के आवागमन और लगातार लगने वाले जाम से लोगों को घंटों तक सफर करना पड़ता है। नई चार लेन सड़क बनने के बाद यातायात सुचारु होगा और सड़क हादसों में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

स्थानीय किसानों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने परियोजना को क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव बताया है। उनका कहना है कि पहले कृषि उपज और अन्य सामान मंडियों तक पहुंचाने में काफी जोखिम उठाना पड़ता था। दो लेन सड़क पर हर यात्रा तनावपूर्ण रहती थी, लेकिन अब चौड़ी सड़क और सुरंगों के निर्माण से परिवहन अधिक सुरक्षित और तेज हो जाएगा।

करीब 924.44 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना के पूरा होने के बाद इंदौर से ओंकारेश्वर तक की यात्रा अवधि में भारी कमी आएगी। अभी जहां लोगों को इस दूरी को तय करने में दो से तीन घंटे तक लग जाते हैं, वहीं नई सड़क शुरू होने के बाद यह सफर लगभग एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना में सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सड़क किनारे क्रैश बैरियर, उन्नत जल निकासी प्रणाली, सड़क सुरक्षा संकेतक और वर्षा जल प्रबंधन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा हरित पट्टी को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया जा रहा है।

मंत्रालय का मानना है कि इंदौर-खंडवा राजमार्ग परियोजना प्रदेश के औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक संपर्क को नई रफ्तार देगी। बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।