विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।
नई दिल्ली: इजरायल के दक्षिणी हिस्से में गुरुवार सुबह आए भूकंप के झटकों से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। भले ही भूकंप की तीव्रता मध्यम रही, लेकिन इसका केंद्र डिमोना के नजदीक होने और उसी समय देशभर में इमरजेंसी ड्रिल चलने के कारण सोशल मीडिया पर न्यूक्लियर टेस्ट की अफवाहें तेजी से फैल गईं।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे (स्थानीय समय) 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र डेड सी रिफ्ट वैली क्षेत्र में, डिमोना शहर से लगभग 19 किलोमीटर दूर बताया गया है। भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर थी, जिससे इसे शैलो भूकंप माना जा रहा है।
भूकंप के झटके नेगेव रेगिस्तान, डेड सी क्षेत्र, बेयरशेबा और यरूशलेम के कुछ इलाकों में महसूस किए गए। लोगों ने बताया कि जमीन कुछ सेकंड तक हिली, जिसके बाद कई जगहों पर लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है, क्योंकि यह दो टेक्टॉनिक प्लेट्स के जंक्शन पर स्थित है। यहां हल्के से मध्यम भूकंप आना आम है, लेकिन इस बार भूकंप का स्थान और समय चर्चा का विषय बन गया।
डिमोना के पास स्थित इजरायल के गोपनीय न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर की वजह से सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। भूकंप के दौरान देशभर में स्कूलों और संस्थानों में नेशनल इमरजेंसी ड्रिल चल रही थी, जिससे आशंकाएं और तेज हो गईं। हालांकि, इजरायली प्रशासन या किसी आधिकारिक एजेंसी की ओर से न्यूक्लियर टेस्ट जैसी किसी भी गतिविधि की पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन भूकंप और उससे जुड़ी अफवाहों ने कुछ समय के लिए लोगों में डर और असमंजस जरूर पैदा कर दिया।







