विदेश डेस्क, श्रेया पाण्डेय
नई दिल्ली: ईरान ने अमेरिका पर इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्री समझौते के पैराग्राफ 9 का उल्लंघन कर रहे हैं, जबकि ईरान ने अब तक अपनी प्रतिबद्धताओं का पूरी तरह पालन किया है। उन्होंने लिखा कि ईरान ने अपनी बात निभाई है, जबकि तथाकथित अमेरिकी वित्त मंत्री एमओयू के पैरा 9 का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह उल्लंघन अमेरिका द्वारा पहले किए गए अन्य उल्लंघनों और गलत कदमों की कड़ी में एक और घटना है, और स्पष्ट किया कि अनुपालन केवल दोनों पक्षों की ओर से ही संभव हो सकता है।
गौरतलब है कि एमओयू का नौवां पैराग्राफ यह प्रावधान करता है कि अंतिम समझौता होने तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की मौजूदा यथास्थिति बनाए रखेगा, जबकि अमेरिका न तो कोई नया प्रतिबंध लगाएगा और न ही क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल तैनात करेगा। अराघची का यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिकी वित्त विभाग ने एक ईरानी वित्तीय सुविधाकर्ता पर सार्वजनिक धन को विदेश भेजने में शामिल होने और कई ईरानी मुद्रा विनिमय संस्थाओं पर प्रतिबंधित ईरानी बैंकों की ओर से अरबों डॉलर स्थानांतरित करने में मदद करने के आरोप में नए प्रतिबंध लगाए हैं।
अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरानी बैंकर अली अंसारी, तीन मुद्रा विनिमय कंपनियों और विदेश में संचालित कई कंपनियों सहित कुल 14 व्यक्तियों और संस्थाओं को निशाना बनाया है। अमेरिका का आरोप है कि ये संस्थाएं फर्जी कंपनियों के जरिए वित्तीय लेन-देन को अंजाम देकर प्रतिबंधों से बचती रही हैं और ईरानी अधिकारियों तथा रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के लाभ के लिए संसाधन स्थानांतरित करती रही हैं।
ये प्रतिबंध ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी पर हमले फिर से शुरू करने के जवाब में लगाए गए हैं। इसी दबाव के बीच ट्रम्प प्रशासन ने ईरान को शनिवार तक यह सार्वजनिक रूप से आश्वासन देने का समय दिया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद किए जाएंगे। ईरान ने तीन सप्ताह पुराने समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करते हुए बार-बार इस रणनीतिक जलमार्ग में जहाजों को निशाना बनाया, जिसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने संघर्षविराम को समाप्त घोषित कर दिया था।
तनाव के बावजूद कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। अराघची शनिवार को ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी से मुलाकात करने वाले हैं, ताकि दोनों पक्ष नाजुक संघर्षविराम को फिर से बहाल करने की कोशिश कर सकें।
यह विवाद इस्लामाबाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए समझौता ज्ञापन से जुड़ा है, जिस पर जून 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हस्ताक्षर किए थे। ईरान-अमेरिका के बीच जारी यह तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।







