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ईरान के जवाबी हमलों से अमेरिका को नुकसान: अराघची |

विदेश डेस्क, ऋषि राज

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि पेंटागन की रिपोर्ट में बताए गए ईरान के जवाबी हमलों से पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुआ नुकसान अभी केवल “एक झलक” है। उन्होंने इस मामले में और जानकारी सार्वजनिक करने का संकेत दिया है।

अराघची ने यह टिप्पणी उस रिपोर्ट के संदर्भ में की, जिसमें ईरान के जवाबी हमलों से पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उनसे जुड़ी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। ईरानी विदेश मंत्री के अनुसार, इन हमलों का प्रभाव उपलब्ध शुरुआती जानकारी से कहीं अधिक हो सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान ईरान की ओर से किए गए हमलों ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मौजूद सैकड़ों सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया या उन्हें नष्ट कर दिया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि संबंधी कोई जानकारी रिपोर्ट में नहीं दी गई है।

अराघची ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि यह केवल शुरुआत है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरान आने वाले समय में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान से जुड़ी और जानकारियां सार्वजनिक कर सकता है।

ईरानी विदेश मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और ईरान की जवाबी कार्रवाई दोनों ही लगातार चर्चा में हैं।

रिपोर्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए नुकसान को लेकर विस्तृत आंकड़ों का उल्लेख किया गया है। ईरानी पक्ष का कहना है कि हमलों के दौरान कई सैन्य सुविधाएं प्रभावित हुईं। हालांकि नुकसान की वास्तविक सीमा और उससे जुड़े विवरणों को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ सकते हैं।

अराघची के बयान का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि उन्होंने भविष्य में और जानकारी सामने रखने की बात कही है। इससे मामले से जुड़े घटनाक्रम पर आगे भी नजर बनी रहने की संभावना है।

ईरान की ओर से जारी बयान में जवाबी हमलों को उसकी सैन्य कार्रवाई के संदर्भ में पेश किया गया है। दूसरी ओर, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री में नहीं है। ऐसे में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान की अंतिम तस्वीर सामने आने में समय लग सकता है।

फिलहाल ईरानी विदेश मंत्री के बयान ने पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और अमेरिकी ठिकानों पर हुए कथित नुकसान को लेकर चर्चा को फिर तेज कर दिया है।