विदेश डेस्क, ऋषि राज।
वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका संबंधों में जारी गतिरोध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वार्ता सफल नहीं होती है तो अमेरिका आगे की रणनीति को लेकर सख्त फैसला लेने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि वह ईरान के हालिया प्रस्तावों की समीक्षा करने के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों और वार्ताकारों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं। उन्होंने संकेत दिए कि अगले 24 घंटे अमेरिका की आगे की नीति तय करने में बेहद अहम साबित हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत और संभावित सैन्य कार्रवाई, दोनों विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें अब भी लगभग “50-50” उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच किसी प्रकार का समझौता हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि मौजूदा हालात काफी जटिल हैं और क्षेत्रीय परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका का उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना और परमाणु खतरे को रोकना है।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होती है, तो पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बढ़ा रहा है, जबकि ईरान भी अपने रुख पर कायम दिखाई दे रहा है। अब सबकी नजर अमेरिका की आगामी रणनीति और संभावित फैसले पर टिकी हुई है।







