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ईरान ने विदेशी मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल से प्रतिबंध हटाया |

विदेश डेस्क, ऋषि राज

तेहरान: ईरान ने सरकारी एजेंसियों द्वारा विदेशी मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल पर लगाए गए औपचारिक प्रतिबंध को हटा दिया है। ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहाजेरानी ने इस फैसले की जानकारी दी।

मोहाजेरानी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि कुछ दिन पहले अपनाए गए प्रस्ताव में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई थी, उनमें से एक सरकारी एजेंसियों के विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर काम करने पर लगी रोक को हटाना भी शामिल था। उन्होंने कहा कि यह फैसला सूचना युद्ध में ईरान की मदद करेगा।

सरकार की प्रवक्ता ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिबंध हटाने का अर्थ सरकारी संस्थानों के लिए विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को बिना किसी शर्त के पूरी तरह खुला छोड़ना नहीं है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के पीछे सूचना के क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया है।

ईरान में सरकारी एजेंसियों के लिए विदेशी मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल को लेकर पहले से औपचारिक रोक लागू थी। सरकार की ओर से अब इस रोक को हटाने का निर्णय लिया गया है। इस बदलाव के बाद सरकारी एजेंसियों के लिए विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में बदलाव आया है।

मोहाजेरानी ने बताया कि प्रस्ताव में कई मुद्दों पर विचार किया गया था। इनमें सरकारी एजेंसियों द्वारा विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर काम करने पर लगी रोक को हटाने का विषय भी शामिल था। सरकार ने इस कदम को सूचना युद्ध से जुड़ी परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया है।

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब डिजिटल संचार और सूचना प्रसार को लेकर सरकारें लगातार नए तरीके अपना रही हैं। विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सरकारी एजेंसियों के लिए सूचनाओं के आदान-प्रदान और जनता तक संदेश पहुंचाने का एक माध्यम बन सकते हैं। हालांकि ईरान में इनके इस्तेमाल से जुड़े सुरक्षा और प्रशासनिक पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

ईरानी सरकार की प्रवक्ता के बयान से यह स्पष्ट है कि विदेशी मैसेजिंग ऐप्स पर नीति में बदलाव किया गया है। हालांकि उपलब्ध समाचार में यह नहीं बताया गया है कि किन-किन ऐप्स पर यह निर्णय लागू होगा और सरकारी एजेंसियों के लिए इनके इस्तेमाल की विस्तृत शर्तें क्या होंगी।

सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि सभी सरकारी विभागों को इन प्लेटफॉर्मों के इस्तेमाल की समान अनुमति मिलेगी या अलग-अलग एजेंसियों के लिए अलग नियम निर्धारित किए जाएंगे।

फिलहाल ईरान सरकार के इस फैसले को डिजिटल संचार नीति में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इसके तहत जारी होने वाले विस्तृत दिशा-निर्देशों से यह स्पष्ट होगा कि सरकारी एजेंसियां विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का किस प्रकार इस्तेमाल कर सकेंगी।