Ad Image
Ad Image
ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

ईरान संघर्ष में जहाजों पर हमलों का भारत ने किया सख्त विरोध

विदेश डेस्क, मुस्कान कुमारी।

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने व्यक्त की चिंता, भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

भारत ने ईरान संघर्ष के बीच व्यापारी जहाजों पर हो रहे हमलों का सख्त विरोध किया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव से कई भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है और कई लापता हैं।

भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरिश ने बुधवार को UNSC की खुली बहस में यह बात कही। उन्होंने मध्य पूर्व में शांति बनाए रखने और राजनीतिक समाधान पर जोर देते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता

भारत ने UNSC में कहा कि क्षेत्र में हो रहे हमलों से उसके कई नागरिक प्रभावित हुए हैं। खासकर व्यापारी जहाजों और समुद्री मार्गों पर हमले चिंताजनक हैं। कई भारतीय नाविकों की मौत हुई है या वे लापता हैं।

भारत ने अमेरिका पर भी सख्त रुख अपनाया। नई दिल्ली में अमेरिकी चार्ज डी एफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर भारत ने ओमान तट के पास टैंकर सेटेबेलो पर हुए अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें से तीन लापता हैं। इससे पहले भी एक पलाऊ-ध्वजांकित जहाज पर हमला हुआ था जिसमें 24 भारतीय थे।

खाड़ी क्षेत्र में भारतीयों की बड़ी संख्या

भारत ने याद दिलाया कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक काम करते हैं। उनकी सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। क्षेत्र में अस्थिरता भारत के व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था को सीधे प्रभावित करती है।

हरिश ने कहा, "संघर्ष की शुरुआत रमजान के पवित्र महीने में हुई। हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और तनाव कम करें।"

गाजा और लेबनान पर भारत का रुख

भारत ने गाजा संकट पर गहरी चिंता जताई। उसने स्थायी युद्धविराम, मानवीय सहायता और दो-राष्ट्र समाधान पर आधारित शांतिपूर्ण रास्ते की मांग दोहराई। इसमें एक स्वतंत्र, व्यवहार्य फिलिस्तीनी राज्य शामिल हो जो इजराइल के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व रखे।

भारत ने अगले कुछ दिनों में UNRWA को 25 लाख डॉलर की पहली किस्त देने की घोषणा की। यह दिल्ली का वार्षिक 50 लाख डॉलर योगदान का हिस्सा है।

लेबनान संकट पर भारत ने उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की अपील की। भारत UNIFIL में अपने सैनिकों की तैनाती का हवाला देते हुए शांति सैनिकों की सुरक्षा पर जोर दिया। भारत लेबनान को चिकित्सा सहायता भेजने की भी घोषणा की।

संयुक्त राष्ट्र सुधारों की मांग

भारत ने UNSC की पुरानी संरचना पर सवाल उठाए। हरिश ने कहा कि सुरक्षा परिषद की 80 साल पुरानी व्यवस्था वर्तमान भू-राजनीतिक हकीकत से मेल नहीं खाती। उन्होंने स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार की मांग की ताकि संगठन की विश्वसनीयता बनी रहे।

भारत ने मध्य पूर्व में संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। उसने स्वतंत्र नौवहन, व्यापार की स्वतंत्रता और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों से बचने की अपील की।