इंटरनेशनल डेस्क , मुस्कान सिंह।
नई दिल्ली: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के साथ परमाणु और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर समझौते की संभावना अब भी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में एक “काफी मजबूत” प्रस्ताव वार्ता की मेज पर रखा गया है, जिस पर आगे बातचीत जारी है।
भारत यात्रा के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में रुबियो ने कहा कि अमेरिका कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहा है और चाहता है कि ईरान बातचीत के जरिए सभी विवादित मुद्दों का समाधान निकाले। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रस्ताव में ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और परमाणु गतिविधियों को लेकर गंभीर, वास्तविक और समयबद्ध वार्ता में शामिल होने जैसे अहम बिंदु शामिल हैं।
रुबियो ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और मध्य-पूर्व की स्थिरता के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य बेहद महत्वपूर्ण है। दुनिया के बड़े हिस्से में तेल आपूर्ति इसी रास्ते से होती है, ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यदि ईरान सकारात्मक रुख अपनाता है तो दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में प्रगति संभव है। हालांकि, अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर पूरी पारदर्शिता बनाए रखे और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करे।
बीते कुछ वर्षों में अमेरिका और ईरान के संबंध लगातार तनावपूर्ण रहे हैं। परमाणु समझौते, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय संघर्षों को लेकर दोनों देशों के बीच कई बार तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली है। ऐसे माहौल में अमेरिका की ओर से समझौते की संभावना जताना कूटनीतिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है तो इसका असर केवल मध्य-पूर्व ही नहीं बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि ईरान इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया देता है और आने वाले दिनों में वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ती है।







