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ईरान-अमेरिका युद्ध: बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वीं फ्लीट पर भीषण हमला, 21 सैनिकों की मौत का दावा

विदेश डेस्क, श्रेया पाण्डेय 

मनामा/तेहरान: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच ईरानी सेना (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना की 5वीं फ्लीट (US 5th Fleet) के मुख्यालय पर एक बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला किया है। ईरानी मीडिया 'तेहरान टाइम्स' की रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में 21 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और सैटेलाइट तस्वीरों में बहरीन के जुफैर जिले (Juffair District) में स्थित अमेरिकी नौसैनिक ठिकाने से काला धुआं उठता देखा गया है।

ईरान ने इस हमले को 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' के जवाब में की गई "सटीक प्रतिशोध" की कार्रवाई बताया है। गौरतलब है कि 28 फरवरी और 1 मार्च, 2026 के बीच अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमले किए थे, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि हुई है। खामेनेई के साथ उनके परिवार के कुछ सदस्य और कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर भी इस हमले में मारे गए थे। ईरान ने इस घटना को "इस्लामी जगत के खिलाफ युद्ध की घोषणा" करार देते हुए अमेरिका और इजरायल से बदला लेने की कसम खाई थी।

ईरान ने न केवल बहरीन, बल्कि कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन में स्थित अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइलें दागी हैं। जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को "बिना शर्त आत्मसमर्पण" करने की चेतावनी दी है और ईरान के भीतर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुख्यालयों और परमाणु ठिकानों पर भारी बमबारी के आदेश दिए हैं।

हालाँकि, अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने अभी तक 21 सैनिकों की मौत के आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है। शुरुआती बयानों में अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि अधिकांश सैनिक बंकरों में सुरक्षित थे, लेकिन जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ रहा है, हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस युद्ध के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही बाधित हो गई है।