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उग्रवादी संगठन AI को बना रहे अपना हथियार

विदेश डेस्क, मुस्कान कुमारी 

वाशिंगटन। दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन उग्रवादी संगठन भी इस तकनीक से प्रयोग कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेताया कि इससे भर्ती, डीपफेक प्रोपगैंडा और साइबर हमलों का खतरा बढ़ेगा।

इस्लामिक स्टेट (IS) जैसे संगठनों ने AI को अपने ऑपरेशंस में शामिल करने की अपील की है। नवंबर 2025 में एक प्रो-IS वेबसाइट पर पोस्ट में लिखा गया कि AI इस्तेमाल करना आसान है और इससे खुफिया एजेंसियों की चिंताओं को हकीकत बनाया जा सकता है। IS पहले से सोशल मीडिया से भर्ती और गलत जानकारी फैलाने में माहिर रहा है, अब AI से यह काम और आसान हो गया।

 डीपफेक और प्रोपगैंडा: नई भर्ती का हथियार

उग्रवादी समूह ChatGPT जैसे टूल्स आने के बाद से जेनरेटिव AI का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे यथार्थवादी फोटो और वीडियो बना रहे हैं। सोशल मीडिया एल्गोरिदम से जुड़कर ये फेक कंटेंट तेजी से फैलता है, नए समर्थक भर्ती करता है, दुश्मनों को डराता है और प्रोपगैंडा फैलाता है।

दो साल पहले इजरायल-हमास युद्ध में फेक इमेजेस फैलाई गईं, जिनमें बमबारी में घायल बच्चे दिखाए गए। इससे गुस्सा भड़का और भर्ती बढ़ी। पिछले साल रूस में IS से जुड़े हमले के बाद AI से बने प्रोपगैंडा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। SITE इंटेलिजेंस ग्रुप के शोधकर्ताओं के अनुसार, IS ने अपने नेताओं की डीपफेक ऑडियो बनाईं और संदेशों का कई भाषाओं में तेज अनुवाद किया।

कम संसाधनों वाले समूह या अकेला व्यक्ति भी AI से बड़े पैमाने पर प्रोपगैंडा फैला सकता है। पूर्व NSA शोधकर्ता जॉन लालिबर्टे ने कहा कि AI से छोटे ग्रुप भी बड़ा असर डाल सकते हैं। उग्रवादी समूहों द्वारा AI से बने डीपफेक प्रोपगैंडा का और उग्रवाद के जोखिमों पर चर्चा ।

साइबर हमले और जैविक हथियार: गंभीर खतरे

AI से हैकर्स फिशिंग के लिए सिंथेटिक ऑडियो-वीडियो इस्तेमाल कर रहे हैं। मैलिशियस कोड लिखना या साइबर अटैक ऑटोमेट करना आसान हो गया। सबसे चिंताजनक है जैविक या रासायनिक हथियार बनाने में AI की मदद, जहां तकनीकी कमी को पूरा किया जा सकता है। यह जोखिम अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट की हालिया थ्रेट असेसमेंट में शामिल है। पूर्व CIA एजेंट मार्कस फाउलर ने कहा कि ये ग्रुप चीन, रूस या ईरान से पीछे हैं, लेकिन सस्ते AI के फैलने से खतरे बढ़ेंगे। IS और अल-कायदा ने समर्थकों को AI सिखाने के लिए वर्कशॉप आयोजित किए।

अमेरिकी कानून और चेतावनी

सीनेटर मार्क वॉर्नर ने कहा कि ChatGPT के 2022 रिलीज से ही स्पष्ट था कि दुष्ट तत्व AI का दुरुपयोग करेंगे। AI डेवलपर्स को दुरुपयोग की जानकारी शेयर करना आसान बनाना चाहिए। अमेरिकी हाउस में पास बिल से होमलैंड सिक्योरिटी को हर साल ऐसे ग्रुपों से AI जोखिमों का आकलन करना होगा। रेपब्लिकन सांसद ऑगस्ट प्लफर ने कहा कि नीतियां कल के खतरों से आगे रहनी चाहिए।