नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन में ‘खड़े हनुमान जी’ की मूर्ति हटाने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को प्रशासन ने अफवाह बताया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मूर्ति को हटाने या स्थानांतरित करने के लिए अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है। मूर्ति को लेकर फैल रही भ्रामक जानकारी के बाद उप-विभागीय मजिस्ट्रेट एल.एन. गर्ग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है।
उज्जैन के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट एल.एन. गर्ग ने बताया कि सोशल मीडिया पर मूर्ति को हटाने के प्रयास से जुड़ी कुछ भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘खड़े हनुमान जी’ की मूर्ति का विषय स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस मामले को लेकर किसी भी तरह की गलत सूचना से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
एसडीएम ने साफ किया कि आज तक मूर्ति को हटाने के लिए प्रशासन की ओर से किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि न तो मूर्ति को हटाने के लिए जेसीबी जैसी किसी मशीन का इस्तेमाल किया गया है और न ही उसे हटाने के लिए किसी मानवीय तरीके से कोई प्रयास किया गया है। इस तरह सोशल मीडिया पर किए जा रहे उन दावों का प्रशासन ने खंडन किया है, जिनमें मूर्ति को हटाने की कोशिश किए जाने की बात कही जा रही थी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर भविष्य में मूर्ति को स्थानांतरित करने की जरूरत सामने आती है तो उससे पहले विशेषज्ञों की वैज्ञानिक और तकनीकी सलाह ली जाएगी। विशेषज्ञों की राय के आधार पर मूर्ति की संरचना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि मूर्ति से जुड़े किसी भी फैसले में विशेषज्ञों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी।
एसडीएम एल.एन. गर्ग ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में विकास कार्य किए जाना जरूरी है। इसके लिए शहर में विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाओं और सुविधाओं से जुड़े काम किए जा रहे हैं। हालांकि, विकास कार्यों के साथ उज्जैन की धार्मिक आस्था, संस्कृति और विरासत की सुरक्षा भी प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि मूर्ति को हटाने से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी जानकारी पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें। प्रशासन ने दोहराया है कि फिलहाल मूर्ति को हटाने या स्थानांतरित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। किसी भी संभावित निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञों की वैज्ञानिक और तकनीकी राय ली जाएगी।
मामले को लेकर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और विकास कार्यों के बीच धार्मिक स्थलों तथा आस्था से जुड़े विषयों को भी गंभीरता से लिया जाएगा। ‘खड़े हनुमान जी’ की मूर्ति को हटाने के प्रयास की सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों का खंडन करते हुए प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रयास नहीं हुआ है और आगे की किसी भी कार्रवाई का निर्णय विशेषज्ञों की सलाह और आवश्यक प्रक्रिया के बाद ही लिया जाएगा।







