विदेश डेस्क, श्रेया पाण्डेय
पूर्वी एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। उत्तर कोरिया ने आज सुबह जापान की ओर एक के बाद एक कई संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस अचानक हुए हमले के बाद जापान सरकार ने पूरे देश में 'इमरजेंसी अलर्ट' जारी कर दिया है। जापानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी और सेना को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हाई-अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।
दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उत्तर कोरिया ने ये मिसाइलें अपने पूर्वी तटीय शहर वॉनसन के पास से दागीं। ये मिसाइलें लगभग 240 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद 'सी ऑफ जापान' (East Sea) में गिरीं। हालांकि अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन जापान के तट रक्षक बल ने जहाजों को समुद्र में गिरे किसी भी मलबे से दूर रहने की सलाह दी है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के बीच ड्रोन विवाद को लेकर तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ था।
विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग-उन का यह कदम न केवल एक सैन्य शक्ति प्रदर्शन है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और क्षेत्रीय रक्षा समझौतों को सीधी चुनौती भी है। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया की ये हरकतें अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। जापान अब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर इस घटना का विश्लेषण कर रहा है ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े खतरे को टाला जा सके।







