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उत्तरकाशी में अतिवृष्टि से तबाही: कई लोग लापता, सेना के जवान भी लापता

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार |

उत्तरकाशी में अतिवृष्टि से तबाही: कई लोग लापता, सेना के जवान भी लापता, राहत कार्यों में मौसम बना बाधा...

देहरादून: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री यात्रा मार्ग पर हर्षिल के पास धरासू गांव के खीर गाड़ क्षेत्र में सोमवार को दोपहर करीब 1:50 बजे अचानक जलस्तर तेजी से बढ़ने से भारी तबाही हुई। धराली बाजार में आया मलबा कई घरों, होटलों और दुकानों को अपनी चपेट में ले गया। इस आपदा में सेना के आठ से दस जवानों समेत कई लोगों के लापता होने की आशंका है। प्रशासन अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि कर चुका है।

मौसम की खराबी राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रही है। हालांकि, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) अब तक 130 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा चुकी है। वायुसेना के हेलीकॉप्टर, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईआरबी और पीएसी की टीमें राहत कार्यों के लिए घटनास्थल पर पहुंचने की प्रक्रिया में हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंध्र प्रदेश का अपना दौरा बीच में छोड़कर देहरादून लौटते ही यूएसडीएमए पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

घटना स्थल के सामने स्थित मुखानी गांव से मिले वीडियोज के आधार पर जिला प्रशासन ने 25-35 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई है, जबकि 25 से 30 होटल व दुकानें बह जाने की संभावना भी व्यक्त की गई है। हर्षिल हेलीपैड और आर्मी कैम्प के आसपास के क्षेत्रों में भी काफी नुकसान हुआ है। हर्षिल आर्मी कैंप में शाम 4 बजे के करीब आए मलबे ने कैंप का एक हिस्सा और हेलीपैड को नुकसान पहुंचाया है। यहां ठहरे सेना के 8–10 जवानों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। वहीं, करीब 100 से अधिक जवान स्थानीय लोगों और एसडीआरएफ के साथ राहत कार्यों में जुटे हैं।

गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने जानकारी दी कि इसी मार्ग पर सुखी टॉप में भी बादल फटने की सूचना है, हालांकि वहां किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि लगातार तेज बारिश के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। सेना और आपदा राहत एजेंसियां स्थानीय लोगों की मदद से कार्य में लगी हैं।

धरासू क्षेत्र में राहत कार्यों के लिए चिनूक, एमआई-17 वी5, चीता और एएलएच हेलीकॉप्टरों को चंडीगढ़ एयरबेस पर तैयार रखा गया है। हर्षिल में सेना के जिस कैंप में मलबा घुसा है, वहां बना हेलीपैड भी बर्बाद हो गया है।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के समन्वय हेतु राज्य सरकार ने तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ कई डीएसपी, इंस्पेक्टर, पीएसी और आईआरबी की टीमें तुरंत भेजने के आदेश दिए हैं।

एसडीआरएफ की टीमें भटवाड़ी और गंगोत्री पोस्ट से घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं। सैटेलाइट फोन के माध्यम से सूचना दी गई कि अब तक 130 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और अन्य टीमें रास्ते में हैं।

अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रेस्क्यू के लिए 125 हर्षिल आर्मी के जवान, 46 आईटीबीपी कोपांग से, 20 पुलिस कर्मी, 4 राजस्व विभाग के अधिकारी, दो 108 एम्बुलेंस, 6 बीआरओ कर्मियों सहित कुल 201 लोगों की संयुक्त टीम कार्य में लगी हुई है। एक अन्य टीम जिसमें 211 सदस्य हैं, घटनास्थल की ओर रवाना हो चुकी है।

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर मार्ग बाधित है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। अपराह्न दो बजे तक हिना चेक पोस्ट से 508 यात्री गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुए थे, जबकि भटवाड़ी में कोई यात्री नहीं रुका।

सूचना प्राप्त करने के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 01374-222126, 222722 और 9456556431 जारी किए हैं।