स्टेट डेस्क, रानी कुमारी ।
- उत्तराखंड में मानसूनी आफत और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, पहाड़ों के खिसकने , जगह-जगह भूस्खलन होने और पहाड़ों से भारी मलबा सड़कों पर आने की वजह से प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
केदारनाथ धाम से लौट रहे तथा दर्शन के लिए जा रहे कम से कम 850 श्रद्धालु अलग-अलग पड़ावों पर फंसे हुए हैं। आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के तहत केदारनाथ से वापस आ रहे लगभग 600 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका है, जबकि केदारनाथ जा रहे 250 से अधिक श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही ठहरने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दल फंसे हुए श्रद्धालुओं तक खाद्य सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने में जुटी हैं।
बारिश और लैंडस्लाइड के कारण पूरे राज्य का परिवहन गंभीर रूप से प्रभावित हो गया है। वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण संपर्क मार्गों को मिलाकर प्रदेश भर में कुल 91 सड़कें पूरी तरह बंद पड़ी हैं। सड़कों पर गिरे मलबे को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग और राज्य आपदा प्रतिवादन बल की भारी मशीनरी को तैनात किया गया है।
इस बीच राजधानी देहरादून समेत हरिद्वार और कई जिलों में नदियां व बरसाती नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए देहरादून, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित 8 जिलों में भारी बारिश और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का अलर्ट जारी किया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने और आम जनता व श्रद्धालुओं को मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।







