नेशनल डेस्क , रानी कुमारी।
नई दिल्ली। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग की ओर से 1 से 15 सितंबर 2026 तक देशभर में ‘स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ मनाया जा रहा है। अभियान का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने किया। पखवाड़े का उद्देश्य कार्यालयों में भौतिक स्वच्छता के साथ-साथ डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, डेटा हाइजीन और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना है।
पखवाड़े के दौरान कार्यालय परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में सामूहिक श्रमदान और सफाई अभियान चलाए जाएंगे। इसके अलावा पुराने और अनावश्यक रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने, डिजिटल फाइलों एवं रिकॉर्ड को साफ-सुथरा रखने और डेटा के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान के तहत 9 सितंबर को ‘डिजिटल स्वच्छता दिवस’ मनाया जाएगा, जिसमें ई-फाइलों, डिजिटल रिकॉर्ड और सर्वर डेटा की सफाई एवं व्यवस्थित प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इसी क्रम में 10 सितंबर को कार्यालय परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सामूहिक श्रमदान किया जाएगा। कर्मचारियों की भागीदारी से सफाई अभियान चलाकर स्वच्छ कार्यस्थल और स्वच्छ वातावरण का संदेश दिया जाएगा। वहीं 14 सितंबर को कर्मचारियों के लिए निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
अभियान में सिंगल-यूज प्लास्टिक को पूरी तरह समाप्त करने तथा पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के साथ सूत की थैलियों और पुनर्चक्रण योग्य बोतलों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य भौतिक सफाई के साथ डिजिटल और पर्यावरणीय स्वच्छता को भी अभियान का हिस्सा बनाना है। ‘स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ के माध्यम से स्वच्छ कार्यालय, व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड, जिम्मेदार डेटा प्रबंधन और प्लास्टिक-मुक्त कार्यस्थल की दिशा में कर्मचारियों और संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।







