Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

ऊर्जा संकट पर पीएम मोदी की बड़ी चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय डेस्क, मुस्कान सिंह।

द हेग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वैश्विक ऊर्जा संकट, युद्ध और आर्थिक अस्थिरता को लेकर दुनिया को गंभीर चेतावनी दी। नीदरलैंड्स के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय “आपदाओं के दशक” से गुजर रही है और यदि हालात को जल्द नहीं संभाला गया तो पिछले कई दशकों की विकास उपलब्धियां खत्म हो सकती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी अपने पांच देशों के दौरे के तहत नीदरलैंड्स पहुंचे थे, जहां उन्होंने भारत और नीदरलैंड्स के बीच मजबूत आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद दुनिया पूरी तरह संभल भी नहीं पाई थी कि कई देशों के बीच युद्ध और तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जिसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में ऊर्जा संकट, महंगाई, सप्लाई चेन में रुकावट और बढ़ती आर्थिक असमानता शामिल हैं। यदि इन समस्याओं का समाधान तेजी से नहीं निकाला गया तो करोड़ों लोग गरीबी की चपेट में आ सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्थिरता बनाए रखने के लिए देशों को मिलकर काम करना होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड्स भविष्य को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी, भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश स्वच्छ ऊर्जा, हरित तकनीक, डिजिटल नवाचार और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में वैश्विक चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को आने वाले वर्षों की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए कहा कि दुनिया को पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करनी होगी और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने भारत की सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़ी पहलों का भी उल्लेख किया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भारत की संस्कृति, लोकतंत्र और विकास की पहचान को मजबूत कर रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग मौजूद रहे और प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत किया गया।