Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

एआई शिखर सम्मेलन में नरेंद्र मोदी का नवाचार और विकास पर जोर

नेशनलडेस्क,श्रेयांश पराशर l

नई दिल्ली: देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को जनहित और विकास से जोड़ने की दिशा में शुरू हुआ “एआई इम्पैक्ट समिट” नीति, तकनीक और उद्योग जगत के लिए एक साझा मंच बनता दिख रहा है। यह पांच दिवसीय सम्मेलन 20 फरवरी तक चलेगा। इस बहु-दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, टेक कंपनियाँ, शोधकर्ता और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं। उद्देश्य है—एआई के जिम्मेदार उपयोग, नवाचार को बढ़ावा और आम नागरिकों के जीवन में तकनीक का सकारात्मक असर सुनिश्चित करना।

सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि एआई मानव-केंद्रित प्रगति का बड़ा साधन बन सकता है, बशर्ते इसका उपयोग पारदर्शिता, सुरक्षा और नैतिक मानकों के साथ किया जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि इस मंच से निकले विचार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में ठोस बदलाव ला सकते हैं।

सरकार का जोर “सार्वजनिक हित के लिए एआई” पर है, ताकि डिजिटल खाई कम हो और ग्रामीण-शहरी दोनों इलाकों को समान लाभ मिले। स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को सहयोग देने, डेटा सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और कौशल विकास कार्यक्रमों को तेज़ करने पर भी चर्चा हुई।

यह आयोजन भारत मंडपम में हो रहा है, जहाँ प्रदर्शनी क्षेत्र में एआई आधारित समाधान—जैसे स्मार्ट हेल्थ टूल्स, कृषि विश्लेषण प्लेटफॉर्म और भाषा तकनीक—दिखाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और संयुक्त शोध परियोजनाएँ भी एजेंडे में शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्पष्ट नियमों और सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र के साथ एआई भारत की उत्पादकता बढ़ा सकता है, नई नौकरियाँ पैदा कर सकता है और सेवा वितरण को बेहतर बना सकता है। कुल मिलाकर, यह सम्मेलन भारत को जिम्मेदार एआई नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।