Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन बने भारतीय नौसेना के नए प्रमुख

नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना में नेतृत्व परिवर्तन के तहत एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने देश के 27वें नौसेना प्रमुख (चीफ ऑफ नेवल स्टाफ) का पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लिया, जो 41 वर्षों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। इस नियुक्ति के साथ भारतीय नौसेना को एक ऐसे अनुभवी अधिकारी का नेतृत्व मिला है, जिन्होंने लगभग चार दशकों तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं।

एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन को 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्धकला विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने अपने लंबे सैन्य करियर में कई परिचालन, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। उनकी समुद्री कमानों में निर्देशित प्रक्षेपास्त्र पोत आईएनएस विद्युत, आईएनएस विनाश, निर्देशित प्रक्षेपास्त्र कार्वेट आईएनएस कुलिश, निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विध्वंसक आईएनएस मैसूर तथा विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य शामिल रहे हैं।

रियर एडमिरल बनने के बाद उन्होंने कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसैनिक कमान मुख्यालय में मुख्य स्टाफ अधिकारी (प्रशिक्षण) के रूप में सेवा दी। इसके बाद उन्हें फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग नियुक्त किया गया तथा बाद में उन्होंने पश्चिमी बेड़े की कमान संभाली, जिसे नौसेना की प्रमुख प्रहारक शक्ति माना जाता है। उन्होंने अपतटीय रक्षा सलाहकार समूह तथा भारत सरकार के अपतटीय सुरक्षा एवं रक्षा सलाहकार के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

वाइस एडमिरल पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने पश्चिमी नौसैनिक कमान के प्रमुख स्टाफ अधिकारी, नौसेना मुख्यालय में कार्मिक सेवा नियंत्रक, कार्मिक प्रमुख तथा नौसेना उप प्रमुख जैसे अहम पदों पर कार्य किया। नौसेना प्रमुख बनने से पहले वे प्रतिष्ठित पश्चिमी नौसैनिक कमान के प्रमुख थे।

एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक तथा विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी नियुक्ति को भारतीय नौसेना की भविष्य की रणनीतिक और परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।