नेशनल डेस्क , रानी कुमारी
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने राजधानी दिल्ली में जल प्रबंधन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा और सख्त आदेश जारी किया है। एनजीटी ने निर्देश दिया है कि दिल्ली में संचालित होने वाले सभी पानी के टैंकरों में GPS (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाना अनिवार्य होगा।
अधिकरण ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह कदम पानी के टैंकरों की आवाजाही की रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि टैंकर कहां से पानी भर रहे हैं और किन क्षेत्रों में उसकी आपूर्ति कर रहे हैं। इससे अवैध जल दोहन और पानी की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
एनजीटी ने संबंधित एजेंसियों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश को जल्द से जल्द लागू करें और इसके अनुपालन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। आदेश में यह भी कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले टैंकर संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में लंबे समय से पानी के टैंकरों के जरिए होने वाली अनियमितताओं और भूजल के अंधाधुंध दोहन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में एनजीटी का यह फैसला जल संसाधनों के संरक्षण और समान वितरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि GPS आधारित निगरानी प्रणाली लागू होने से पानी की सप्लाई में पारदर्शिता आएगी, जरूरतमंद इलाकों तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और जल संकट से निपटने में भी मदद मिलेगी।







