नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
नई दिल्ली। लंदन से बेंगलुरु आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में पायलट ने फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित खराबी की शिकायत की, जिसके बाद बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (वीटी-एएनएक्स) को तुरंत ग्राउंड कर दिया गया। यह घटना गुजरे साल अहमदाबाद क्रैश की याद दिलाती है, जहां इसी तरह की समस्या से 260 लोगों की जान गई थी।
एयरलाइन के सूत्रों के अनुसार, फ्लाइट एआई132 ने रविवार रात 9:19 बजे लंदन के हीथ्रो हवाईअड्डे से उड़ान भरी और सोमवार सुबह 11:54 बजे बेंगलुरु पहुंची। लैंडिंग के बाद पायलट ने स्विच के लॉकिंग मैकेनिज्म में दिक्कत देखी और तुरंत रिपोर्ट की। पायलट की रिपोर्ट में लिखा है, "लेफ्ट फ्यूल कंट्रोल स्विच हल्का दबाने पर ऑन से कट-ऑफ की ओर सरक जाता है और अपनी जगह लॉक नहीं होता।"
पुरानी घावों को हिला देने वाली चेतावनी
यह समस्या खासतौर पर चिंताजनक है क्योंकि जून 2025 में एयर इंडिया की एक ड्रीमलाइनर फ्लाइट (वीटी-एएनबी) अहमदाबाद में टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही क्रैश हो गई थी। उस हादसे में इंजनों को फ्यूल सप्लाई रुकने से विमान गिरा, जिसमें 260 लोग मारे गए। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि स्विच रन पोजिशन से कट-ऑफ हो गया था—यह स्पष्ट नहीं कि मैकेनिकल फॉल्ट था या कुछ और।
क्रैश के बाद एयर इंडिया ने डीजीसीए के निर्देश पर अपनी सारी ड्रीमलाइनर विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच चेक किए थे और कोई दिक्कत नहीं मिली। लेकिन अब यह नई घटना उन जांचों पर सवाल खड़ी कर रही है। एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट कैप्टन अमित सिंह ने कहा, "यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की कमजोरी का संकेत है। क्या चेकिंग पूरी थी? क्या यह दोबारा हो रही खराबी है? यात्रियों और क्रू को साफ जवाब चाहिए।"
सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन ने बयान जारी कर कहा कि यह समस्या अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) की 2018 की चेतावनी से मेल खाती है। एफएए ने बोइंग 787 सहित कुछ स्विचों में इसी तरह की मालफंक्शन की आशंका जताई थी, जो उड़ान के दौरान इंजन शटडाउन का खतरा पैदा कर सकती है। फाउंडेशन ने तत्काल जांच और प्रभावित यूनिट्स के बदले जाने की मांग की।
एयरलाइन और रेगुलेटर की तत्परता
एयर इंडिया ने सोमवार को बयान जारी कर कहा, "हमारे एक पायलट ने बोइंग 787-8 के फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित दोष की सूचना दी है। प्रारंभिक जानकारी मिलते ही विमान को ग्राउंड कर दिया गया और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (ओईएम) को प्राथमिकता से जांच के लिए बुलाया गया। डीजीसीए को पूरी जानकारी दे दी गई है। हमारी फ्लीट के सभी बोइंग 787 के स्विच पहले ही चेक हो चुके थे और कोई समस्या नहीं मिली। यात्रियों और क्रू की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।"
डीजीसीए इस मामले की जांच कर रहा है और एयरलाइन से विस्तृत जानकारी मांग ली है। बोइंग से भी टिप्पणी मांगी गई है। कंपनी ने कहा, "हम एयर इंडिया के संपर्क में हैं और इस मामले की समीक्षा में सहयोग कर रहे हैं।"
इस घटना ने विमानन क्षेत्र में हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्यूल कंट्रोल स्विच कॉकपिट में इंजन को कंट्रोल करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह स्विच इंजन को रन या कट-ऑफ पोजिशन में रखता है। क्रैश की जांच में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग से पता चला था कि पायलटों के बीच स्विच के कट-ऑफ होने पर बहस हुई थी—एक ने पूछा, "तुमने कट-ऑफ क्यों किया?" दूसरे ने जवाब दिया, "मैंने तो नहीं किया।"
यात्रियों के लिए बड़ा सवाल
सोमवार की इस घटना में विमान लंदन से बेंगलुरु तक सुरक्षित पहुंच गया, लेकिन इंजन स्टार्ट के दौरान दो बार स्विच रन पोजिशन में लॉक नहीं हुआ। सेफ्टी फाउंडेशन के अनुसार, "यह मालफंक्शन उड़ान के दौरान अनजाने इंजन शटडाउन का खतरा पैदा कर सकता है।" एक यात्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, "हम सुरक्षित उतरे, लेकिन अब डर लग रहा है। क्या चेकिंग में कुछ छूट गया?"
एयर इंडिया की फ्लीट में 27 बोइंग 787 हैं, जो लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल होते हैं। इस घटना के बाद अन्य विमानों की अतिरिक्त जांच की संभावना है। डीजीसीए ने पहले ही एयरलाइन को सभी स्विचों की दोबारा जांच का आदेश दे दिया है।







