स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में अपना अभियान 85 पदकों के साथ खत्म किया। अची-नागोया में हुए इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने 21 अलग-अलग खेलों में पदक जीते। भारत के खाते में 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल आए। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
भारत के लिए इस बार सबसे खास बात यह रही कि पदक कई अलग-अलग खेलों से आए। पारंपरिक मजबूत खेलों के साथ-साथ कुछ ऐसे खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर जगह बनाई, जहां पहले भारत का प्रदर्शन सीमित रहा है।
एथलेटिक्स ने दिए सबसे ज्यादा 24 पदक
भारत के लिए कुल पदकों के लिहाज से एथलेटिक्स सबसे आगे रहा। भारतीय एथलीटों ने ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में कुल 24 पदक जीते। इनमें एक गोल्ड, 9 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज शामिल रहे।
इसके बाद शूटिंग का नंबर रहा। भारतीय निशानेबाजों ने 15 पदक जीते, जिनमें 3 गोल्ड, 8 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल रहे।
आर्चरी में सबसे ज्यादा 5 गोल्ड
गोल्ड मेडल के मामले में आर्चरी भारत का सबसे सफल खेल रहा। भारतीय तीरंदाजों ने कुल 9 पदक जीते, जिसमें 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल रहे।
शूटिंग ने भी भारत की गोल्ड मेडल की गिनती बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई और यहां से भारत को 3 स्वर्ण पदक मिले। बॉक्सिंग और कुश्ती में भी भारत ने 3-3 गोल्ड अपने नाम किए।
बॉक्सिंग और कुश्ती ने भी बढ़ाया पदकों का ग्राफ
बॉक्सिंग में भारत को कुल 6 पदक मिले। इनमें 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज शामिल रहे। वहीं कुश्ती में भी भारत ने 6 पदक जीते, जिसमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज रहे।
स्क्वैश से भारत को 5 पदक मिले। नौकायन (Sailing) में 3 पदक आए, जबकि गोल्फ में 2 पदक भारत की झोली में गए।
टीम स्पोर्ट्स में भारत का दबदबा
टीम स्पोर्ट्स में भारत का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल जीता।
इस तरह इन तीन टीम खेलों से भारत को कुल 6 गोल्ड मिले। क्रिकेट में पुरुष और महिला दोनों टीमों ने स्वर्ण जीता। हॉकी में भी पुरुष और महिला टीम चैंपियन बनीं, जबकि कबड्डी में भी दोनों टीमों ने गोल्ड अपने नाम किया।
21 खेलों में ऐसे आए 85 पदक
भारत के 85 पदक 21 अलग-अलग खेलों से आए। एथलेटिक्स और शूटिंग ने कुल पदकों की संख्या बढ़ाने में सबसे बड़ा योगदान दिया, जबकि आर्चरी, बॉक्सिंग और कुश्ती ने गोल्ड मेडल की दौड़ में भारत को मजबूत स्थिति दिलाई।
क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी ने टीम स्पोर्ट्स में भारत का दबदबा कायम रखा। इसके अलावा भारत ने वुशू, बैडमिंटन, कुराश, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, रोइंग, सेपकटकरा, सॉफ्ट टेनिस और टेबल टेनिस जैसे खेलों में भी पदक जीते।
भारत के 85 पदकों की तस्वीर
भारत के कुल 85 पदकों में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य शामिल रहे। यानी भारतीय दल ने कुल पदकों में कांस्य का सबसे बड़ा हिस्सा हासिल किया, जबकि 21 स्वर्ण ने भारत को पदक तालिका में चौथे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
अची-नागोया में भारत का कुल पदक आंकड़ा पिछली बार हांगझोउ में जीते 106 पदकों से कम रहा, लेकिन इस अभियान में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी देखने को मिलीं। खासकर टीम स्पोर्ट्स में पुरुष और महिला दोनों टीमों का गोल्ड जीतना भारतीय खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि रही।
भारत ने इस तरह एशियन गेम्स 2026 का सफर 21 खेलों में 85 पदकों के साथ पूरा किया और पदक तालिका में चौथे स्थान पर अपनी जगह पक्की की।







