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एस्ट्रोनॉमी क्लबों से जुड़कर बढ़ाएं वैज्ञानिक सोच: मोदी

नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में बढ़ती खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनॉमी) गतिविधियों की सराहना करते हुए छात्रों और युवाओं से अपनी रुचि के अनुसार एस्ट्रोनॉमी क्लबों से जुड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के इस क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती भागीदारी न केवल ज्ञान का विस्तार कर रही है, बल्कि वैज्ञानिक सोच को भी मजबूत बना रही है।

आकाशवाणी पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित होने वाली खगोलीय गतिविधियों में युवाओं का उत्साह देखने योग्य है। उन्होंने बताया कि ऐसे क्लब छात्रों को ब्रह्मांड, ग्रहों, तारों और अंतरिक्ष विज्ञान के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्था विशेष प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन करती है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी खगोल विज्ञान को लोकप्रिय बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘खगोल मंडल’ नामक समूह ने 30 घंटे का एक नया पाठ्यक्रम शुरू किया है, जिससे छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान की बुनियादी और उन्नत जानकारी प्राप्त होगी।

उन्होंने अशोक केरल द्वारा संचालित गतिविधियों और राजकोट के बिग बैंग एस्ट्रोनॉमी क्लब के प्रयासों की भी प्रशंसा की। इन संस्थाओं द्वारा रात्रि शिविर, कार्यशालाएं और दूरबीन निर्माण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनसे युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कई संगठन और नेटवर्क एस्ट्रोनॉमी तथा एस्ट्रोफिजिक्स क्लबों को एक-दूसरे से जोड़ रहे हैं। इससे छात्रों को विशेषज्ञों से सीखने, नए शोधों की जानकारी प्राप्त करने और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने युवाओं से विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बनाए रखने और नए आयामों की खोज करने का आग्रह किया।