एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा।
मुंबई: फिल्ममेकर करण जौहर ने अपने दिवंगत पिता और निर्माता यश जौहर की जन्म-जयंती पर उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की। पुरानी तस्वीरों के साथ करण ने अपने पिता से जुड़ी कई यादें साझा कीं, जिनमें ‘कुछ कुछ होता है’ की सफलता के बाद खरीदी गई उनकी पहली डिजाइनर जैकेट का किस्सा भी शामिल है।
करण ने बताया कि ‘कुछ कुछ होता है’ की रिलीज के बाद उन्होंने फिल्म की सफलता का जश्न मनाने के लिए अपनी पहली डिजाइनर जैकेट खरीदने का फैसला किया था। वह लंदन के Burberry स्टोर पहुंचे और उस समय जो जैकेट उन्हें फिट आई, उसे खरीद लिया। करण ने लिखा कि उन्हें लगा कि वह जैकेट में काफी अच्छे लग रहे हैं।
हालांकि, जब करण ने जैकेट अपने पिता को दिखाई तो यश जौहर ने हैरानी से पूछा, “बेटा… ये क्या है?” करण ने गर्व से बताया कि जैकेट Burberry की है। इसके बाद यश जौहर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “बेटा ये Burberry नहीं… बहुत बुरी है।” करण ने बताया कि पिता की यह बात सुनकर वह पहले निराश हुए, लेकिन कुछ ही देर बाद खुद हंसने लगे।
करण ने इस घटना को याद करते हुए अपने पिता को जमीन से जुड़े, सादगी पसंद और बेहद मजाकिया व्यक्ति के रूप में याद किया। उन्होंने यह भी बताया कि यश जौहर हमेशा उनके बड़े समर्थक रहे और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाते थे। यहां तक कि वह करण को अभिनेता बनने के लिए भी प्रोत्साहित करते थे।
अपने पोस्ट में करण ने पिता के साथ जुड़ी कुछ और भावुक यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि यश जौहर उनके लिए सिर्फ पिता नहीं, बल्कि उनके सबसे बड़े प्रशंसक और प्रेरणा थे। करण ने उनके व्यक्तित्व की दयालुता, विनम्रता और निस्वार्थता को याद किया।
करण ने अपने पिता के जीवन के अंतिम दिनों की एक भावुक याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि कीमोथेरेपी के एक सत्र के बाद यश जौहर ने उनसे हमेशा दयालु बने रहने और अपनी मां का ख्याल रखने का वादा लिया था। करण के मुताबिक, उनके पिता ने उन्हें समझाया था कि सफलता का कोई अर्थ नहीं है, अगर व्यक्ति दयालु नहीं है।
यश जौहर का निधन 26 जून 2004 को 74 वर्ष की उम्र में हुआ था। उन्होंने 1976 में धर्मा प्रोडक्शंस की स्थापना की थी और ‘दोस्ताना’, ‘अग्निपथ’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कभी खुशी कभी गम’ और ‘कल हो ना हो’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया था।
करण की यह पोस्ट पिता-पुत्र के रिश्ते की कई निजी और भावुक यादों को सामने लाती है। Burberry वाली घटना उनके पिता के हास्य और सहज स्वभाव की एक हल्की-फुल्की झलक देती है, जबकि उनके अंतिम दिनों से जुड़ी यादें दोनों के गहरे रिश्ते को दर्शाती हैं।







