स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
कानपुर। शहर में बढ़ती ठंड जानलेवा साबित हो रही है। अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मामलों में तेज़ इजाफा देखा जा रहा है। सोमवार को कार्डियोलॉजी विभाग में सात और हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में दो मरीजों की मौत हो गई। इनमें युवा और अधेड़ उम्र के लोग भी शामिल हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कार्डियोलॉजी ओपीडी में एक ही दिन में 1123 मरीजों की जांच की गई, जिनमें से हार्ट अटैक के लक्षण वाले 82 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। इनमें से सात मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुके थे। कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक प्रो. राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि समय पर इलाज मिलने पर कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में भी ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रात नौ बजे तक ब्रेन स्ट्रोक के आठ मरीज लाए गए, जिनमें छह के मस्तिष्क की नसें फट चुकी थीं। कुल 32 मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती किया गया, जिनमें अस्थमा, सीओपीडी, लिवर और किडनी फेल से पीड़ित मरीज भी शामिल रहे।
न्यूरो साइंसेस विभाग के प्रमुख प्रो. मनीष सिंह ने बताया कि ब्रेन हेमरेज के ज्यादातर मरीज 40 से 50 वर्ष की उम्र के हैं। उन्होंने कहा कि अनियमित जीवनशैली, ठंड से बचाव में लापरवाही और खानपान में गड़बड़ी के कारण ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है, जिससे यह खतरा और बढ़ रहा है।
डॉक्टरों ने लोगों से ठंड के मौसम में विशेष सावधानी बरतने, नियमित दवाएं लेने और किसी भी लक्षण के दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।







