स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी
गुवाहाटी। कार्बी आंग्लांग और वेस्ट कार्बी आंग्लांग जिलों में गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर असम सरकार ने दोनों जिलों में मोबाइल इंटरनेट और डेटा सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दीं। अफवाहें और भड़काऊ संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया।
बेदखली विवाद से भड़की हिंसा
दो लोगों की मौत, दर्जनों घायल वेस्ट कार्बी आंग्लांग के खेरोनी क्षेत्र में मंगलवार को ताजा हिंसा भड़क उठी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने दुकानें फूंकीं, वाहन जलाए और पुलिस पर पत्थरबाजी की। पुलिस को आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। हिंसा की जड़ में कार्बी आदिवासी संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांग है – प्रोफेशनल ग्रेजिंग रिजर्व (पीजीआर) और विलेज ग्रेजिंग रिजर्व (वीजीआर) भूमि से कथित अतिक्रमणकारियों की बेदखली।
ये जिले संविधान की छठी अनुसूची के तहत कार्बी आंग्लांग ऑटोनॉमस काउंसिल (केएएसी) के अधीन हैं, जहां आदिवासी भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गैर-आदिवासी बसावट से कार्बी समुदाय की आबादी और भूमि खतरे में है।
भूख हड़ताल और आगजनी
केएएसी प्रमुख के पैतृक घर को फूंका हिंसा की शुरुआत सोमवार को हुई जब भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाने के बाद भीड़ उग्र हो गई। प्रदर्शनकारियों ने केएएसी प्रमुख तुलिराम रोंगहांग के पैतृक घर को आग के हवाले कर दिया और खेरोनी बाजार में कई दुकानों को नुकसान पहुंचाया। मंगलवार को मंत्री रानोज पेगू की अपील पर भूख हड़ताल समाप्त हुई और 26 दिसंबर को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय वार्ता तय हुई, लेकिन इसके बाद भी हिंसा जारी रही।
मुख्यमंत्री सरमा ने स्थिति को संवेदनशील बताते हुए कहा कि वे लगातार निगरानी कर रहे हैं। अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं और धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है।
सरकार की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि वॉयस कॉल और फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड सेवाएं चालू रहेंगी। निलंबन आगे के आदेश तक जारी रहेगा।







