नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नई दिल्ली। जापान से शुरू हुआ 'रेंट ए बॉयफ्रेंड' का कॉन्सेप्ट अब भारत में भी धीरे-धीरे चर्चा का विषय बनता जा रहा है। सोशल मीडिया, कुछ वेबसाइटों और मोबाइल ऐप्स के जरिए लोग अपनी जरूरत के अनुसार एक साथी (कंपैनियन) बुक कर सकते हैं। यह सेवा मुख्य रूप से फिल्म देखने, शॉपिंग करने, कैफे जाने, घूमने या सामान्य बातचीत के लिए उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि भारत में यह ट्रेंड अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इसकी मौजूदगी लगातार बढ़ रही है।
इस सेवा का तरीका काफी हद तक कैब या फूड डिलीवरी ऐप्स की तरह बताया जा रहा है। इच्छुक व्यक्ति वेबसाइट या ऐप पर उपलब्ध प्रोफाइल देख सकता है, अपनी पसंद के अनुसार टाइम स्लॉट चुन सकता है और तय अवधि के लिए किसी साथी को बुक कर सकता है। हालांकि अधिकांश प्लेटफॉर्म इस सेवा को सीधे 'रेंट ए बॉयफ्रेंड' कहने के बजाय 'मूवी पार्टनर', 'शॉपिंग बडी', 'वॉकिंग पार्टनर' या 'प्रोफेशनल सोशल सपोर्ट सर्विस' जैसे नामों से पेश कर रहे हैं, ताकि इसे सामाजिक साथ या कंपैनियनशिप की सेवा के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
यह कॉन्सेप्ट सबसे पहले जापान में लोकप्रिय हुआ था, जहां पहले से 'रेंट ए पर्सन' जैसी सेवाएं उपलब्ध थीं। इनका उद्देश्य लोगों को सामाजिक आयोजनों, बातचीत, अकेलेपन को कम करने या किसी कार्यक्रम में साथ देने के लिए एक साथी उपलब्ध कराना था। धीरे-धीरे इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए 'रेंट ए बॉयफ्रेंड' जैसी सेवाएं भी सामने आईं, जिनमें किसी व्यक्ति के साथ कैफे, म्यूजियम, पार्क, रेस्तरां या शॉपिंग जैसी गतिविधियों में शामिल होने की सुविधा दी जाती है।
इन सेवाओं के लिए कई स्पष्ट नियम और शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। प्लेटफॉर्म्स के अनुसार यह केवल सामाजिक साथ (कंपैनियनशिप) तक सीमित सेवा है। इसमें किसी भी प्रकार की यौन गतिविधि, होटल में साथ रुकना, रातभर साथ रहना या सुनसान स्थानों पर जाना प्रतिबंधित होता है। दोनों पक्षों से सम्मानजनक व्यवहार, निर्धारित समय का पालन और सामान्य मित्रवत बातचीत की अपेक्षा की जाती है। सेवा प्रदाता इन नियमों को अनिवार्य बताते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार जापान में यह कॉन्सेप्ट बढ़ते अकेलेपन, व्यस्त जीवनशैली, लंबे कार्य घंटों और सीमित सामाजिक मेलजोल के कारण लोकप्रिय हुआ। ऐसे कई लोग, जिनके पास व्यक्तिगत संबंधों के लिए पर्याप्त समय नहीं होता, वे कभी-कभी किसी साथी के साथ कुछ समय बिताने, बातचीत करने या बाहर घूमने के लिए इस तरह की सेवाओं का उपयोग करते हैं। इसी कारण यह मॉडल धीरे-धीरे अन्य देशों में भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
भारत में फिलहाल यह सेवा सीमित स्तर पर उपलब्ध है। कुछ वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसकी शुरुआती कीमत करीब 79 या 100 रुपये से शुरू होकर सेवा और समय के अनुसार 1,500 से 2,000 रुपये तक बताई जाती है। वहीं जापान के टोक्यो में ऐसी सेवाओं की प्रति घंटे की फीस लगभग 1,700 से 3,500 रुपये तक हो सकती है। कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर युवा अपनी प्रोफाइल, फोटो और बुनियादी जानकारी दर्ज कर इस सेवा के लिए पंजीकरण भी कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की बताई जाती है, जो अतिरिक्त आय के लिए इसे पार्ट-टाइम अवसर के रूप में अपना रहे हैं।







