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केरल मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने में जुटा यूडीएफ, विभागों के बंटवारे पर आज अहम मंथन

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

तिरुवनंतपुरम, कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने सोमवार को प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह से पहले नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल के स्वरूप को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को निर्णायक बैठकों का दौर शुरू किया। गठबंधन के भीतर मंत्री पदों और प्रमुख विभागों के आवंटन को लेकर कई स्तरों पर चर्चा जारी है, जिससे नई सरकार की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वी. डी. सतीशान और यूडीएफ संयोजक अडूर प्रकाश ने सुबह से ही सहयोगी दलों के नेताओं के साथ विचार-विमर्श शुरू किया। बैठकों में मुख्य रूप से मंत्रिपरिषद के गठन, विभिन्न दलों के हिस्से में आने वाले विभागों और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। गठबंधन नेतृत्व नई सरकार में सभी घटक दलों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रहा है।

शुक्रवार को हुई यूडीएफ की उच्चस्तरीय बैठक में यह सहमति बनी थी कि 21 सदस्यीय मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य सोमवार को एक साथ शपथ ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि मंत्रियों की अंतिम सूची रविवार दोपहर तक राज्यपाल को सौंप दी जाएगी। मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए सतीशान शुक्रवार देर रात कोच्चि गए थे और शनिवार सुबह आगे की बैठकों के लिए तिरुवनंतपुरम लौटने की संभावना जताई गई।

गठबंधन के मौजूदा शक्ति संतुलन के अनुसार कांग्रेस को स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पदों के अलावा 11 कैबिनेट पद मिलने की संभावना है। वहीं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने पांच मंत्री पदों की मांग रखी है और राजनीतिक संकेत मिल रहे हैं कि गठबंधन इस मांग को स्वीकार कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो नई सरकार में आईयूएमएल की भूमिका पहले की तुलना में अधिक प्रभावशाली हो सकती है।

दूसरी ओर केरल कांग्रेस ने दो कैबिनेट पदों की मांग की है। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से एक मंत्री पद के साथ मुख्य सचेतक या डिप्टी स्पीकर जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की पेशकश किए जाने की चर्चा है। केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. जे. जोसेफ ने पार्टी की विधानसभा में मौजूद राजनीतिक ताकत का हवाला देते हुए दो मंत्री पदों की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय अब भी लंबित बताया जा रहा है।

कांग्रेस के भीतर संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर प्रारंभिक चर्चा वी. डी. सतीशान, केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ और एआईसीसी महासचिव दीपा दासमुंशी के बीच हो चुकी है। वहीं बाद में वरिष्ठ नेताओं के. सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के साथ भी आगे की बातचीत होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व नए मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए कई समीकरणों पर विचार कर रहा है।

इस बीच मुख्यमंत्री चयन को लेकर असंतोष की खबरों के बाद कांग्रेस नेतृत्व रमेश चेन्निथला को मंत्रिमंडल में शामिल करने के प्रयास तेज कर चुका है। सूत्रों के अनुसार सुलह प्रक्रिया में सकारात्मक प्रगति हुई है और चेन्निथला ने पार्टी नेतृत्व तथा सतीशान के आग्रह को पूरी तरह अस्वीकार नहीं किया है। माना जा रहा है कि उन्हें गृह मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग सौंपे जाने पर विचार किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि यूडीएफ ने 2026 के केरल विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत दर्ज करते हुए 102 सीटें हासिल की हैं। इस जीत के साथ गठबंधन ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के करीब एक दशक लंबे शासन को समाप्त करते हुए राज्य की सत्ता में वापसी की है। अब नई सरकार के गठन और विभागों के बंटवारे को लेकर चल रही बैठकों पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हैं।