Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

कैनबरा में नए भारतीय उच्चायोग भवन का भूमिपूजन, नागेश सिंह ने किया नेतृत्व

विदेश डेस्क, शुभम कुमार तिवारी। 

  • भारत-ऑस्ट्रेलिया के राजनयिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती, कैनबरा में नए उच्चायोग भवन के निर्माण की हुई शुरुआत

कैनबरा (ऑस्ट्रेलिया)। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच राजनयिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने अपनी पत्नी पगना सिंह के साथ कैनबरा में नए भारतीय उच्चायोग भवन के निर्माण स्थल पर भूमिपूजन समारोह में हिस्सा लिया। ANI की 20 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस समारोह के साथ भवन निर्माण परियोजना की औपचारिक शुरुआत हुई।

यह परियोजना ऑस्ट्रेलिया में भारत की राजनयिक उपस्थिति को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नए उच्चायोग भवन से क्या होगा फायदा?

नए भवन का निर्माण भारत की राजनयिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की दिशा में एक अहम पहल है। इससे ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मिशन के कामकाज और दोनों देशों के बीच आधिकारिक संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

भूमिपूजन समारोह में ऑस्ट्रेलियाई निर्माण कंपनी एफडीसी कंस्ट्रक्शन एंड फिटआउट और परियोजना से जुड़े जीएमबी आर्किटेक्ट्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। यह परियोजना भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संस्थागत सहयोग का भी उदाहरण है।

रक्षा और सैन्य सहयोग में भी बढ़ रही साझेदारी

भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश रक्षा, व्यापार, शिक्षा, तकनीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं।

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास 'ऑस्ट्राहिंद 2026' का पांचवां संस्करण केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में शुरू हुआ। यह अभ्यास 1 नवंबर तक चलने के लिए निर्धारित था।

इसमें भारतीय सेना और ऑस्ट्रेलियाई सेना के लगभग 120 सैन्यकर्मियों ने भाग लिया। अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को मजबूत करना है। इसमें तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में अभियान, निगरानी, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसे विषय शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड का एक पर्यवेक्षक दल भी पहली बार इसमें भाग ले रहा है।

व्यापार और आर्थिक संबंधों पर भी जोर

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग भी द्विपक्षीय साझेदारी का अहम हिस्सा है। रिपोर्ट में सरकारी आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 50.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।

इसके अलावा, भारत और ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) पर बातचीत को आगे बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास कर रहे हैं। अक्टूबर 2026 की शुरुआत में व्यापार और पर्यटन से जुड़े मंत्रियों की बैठक में फार्मास्यूटिकल्स, सेवाओं, निवेश, कृषि-प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई थी।

दोनों देश पहले से लागू आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) का बेहतर उपयोग करने तथा कारोबार के नए अवसर विकसित करने पर भी ध्यान दे रहे हैं।

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के लिए क्यों अहम है यह पहल?

कैनबरा में नए भारतीय उच्चायोग भवन की निर्माण परियोजना ऐसे समय में सामने आई है, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को विस्तार दे रहे हैं। आधुनिक राजनयिक बुनियादी ढांचा दोनों देशों के बीच आधिकारिक संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकता है।

हालांकि, भवन के निर्माण की समयसीमा, कुल लागत और उद्घाटन की संभावित तारीख के बारे में उपलब्ध रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इन पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद परियोजना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।