एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा।
मुंबई। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के अभिनेता और निर्माता शोभिनव सत्या ने फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि संकट के समय हनुमान चालीसा का पाठ करने से जुड़ा रकैप्टन का अनुभव लोगों की आस्था को और मजबूत करता है। शोभिनव ने यह बात 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित इंडिया टुडे मुंबई कॉन्क्लेव में कही।
शोभिनव के अनुसार, बचपन से लोग बहादुरी की कहानियां सुनते आए हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं याद दिलाती हैं कि आज भी साहस दिखाने वाले लोग मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित ने अपने अनुभव को सार्वजनिक रूप से साझा करके कई लोगों को प्रभावित किया है। उनके मुताबिक, इस घटना ने हनुमान चालीसा में विश्वास रखने वाले लोगों की आस्था को और मजबूत किया।
यह मामला 30 सितंबर 2026 का है, जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ओमानी सह-पायलट द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया था। हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के दौरान विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ना पड़ा, जहां उसे सुरक्षित उतारा गया। विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान बच गई।
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में उपचार करा रहे कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। इस दौरान कैप्टन ने बताया कि संकट के समय वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें कठिन परिस्थिति में हिम्मत मिली। प्रधानमंत्री ने भी उनकी बहादुरी, सूझबूझ और यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की थी।
इस घटना की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामला दर्ज किया है। जांच में कथित हमले और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने से पहले घटना के पीछे के मकसद को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
शोभिनव सत्या की प्रतिक्रिया के बाद कैप्टन स्मित मच्छार का अनुभव एक बार फिर चर्चा में है। उनकी बहादुरी और संकट के दौरान धैर्य बनाए रखने की घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है। वहीं, शोभिनव ने इस अनुभव को आस्था और साहस से जुड़ा ऐसा उदाहरण बताया, जिसने अनेक लोगों को प्रेरित किया।







