विदेश डेस्क, ऋषि राज।
मेक्सिको सिटी। कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने 10 अगस्त को आए शक्तिशाली भूकंप के बाद राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के लिए संवैधानिक आर्थिक आपातकाल घोषित किया है। राष्ट्रपति ने प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष कोष बनाने की भी घोषणा की है।
श्री एस्प्रिएला ने कैराकोल टेलीविजन चैनल पर प्रसारित बयान में कहा कि सरकार ने संकट से उचित तरीके से निपटने के लिए संविधान में निर्धारित आर्थिक आपातकाल लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार का उद्देश्य भूकंप से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को जल्द से जल्द बहाल करना है।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, शक्तिशाली भूकंप से देश के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। करीब 53,526 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि 140 इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं। इसके अलावा 1,819 शैक्षणिक संस्थानों, 631 सामुदायिक केंद्रों और 179 स्वास्थ्य सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
भूकंप के कारण परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। एक पैदल पुल के नष्ट होने के साथ-साथ 20 राजमार्ग पुलों और 203 सड़क मार्गों को नुकसान पहुंचा है। इससे प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों की आवाजाही में कठिनाइयां पैदा हुई हैं। प्रशासन क्षतिग्रस्त मार्गों और पुलों को जल्द बहाल करने की दिशा में काम कर रहा है।
आपदा के प्रभाव का दायरा केवल आवासीय और परिवहन ढांचे तक सीमित नहीं रहा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 44 जलापूर्ति प्रणालियां और पांच हवाई अड्डे भी भूकंप से प्रभावित हुए हैं। इससे कई क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की निरंतरता बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
राष्ट्रपति एस्प्रिएला ने कहा कि आर्थिक आपातकाल लागू करने का निर्णय राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को गति देने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके तहत प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष आर्थिक संसाधन जुटाने और जरूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने में मदद मिलेगी।
सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना, क्षतिग्रस्त सार्वजनिक सुविधाओं को बहाल करना और आवश्यक सेवाओं को सामान्य करना है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन जारी है और आने वाले दिनों में राहत एवं पुनर्वास से संबंधित अतिरिक्त कदम उठाए जाने की संभावना है।
भूकंप के बाद आर्थिक आपातकाल की घोषणा को सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर राहत एवं पुनर्निर्माण अभियान शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







