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क्या है वंदे मातरम् का नया नियम? कब कब खड़ा होना और कब वंदे मातरम् बजाना है?

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।

गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के गाने, बजाने और उसके सम्मान में खड़े होने से जुड़े नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार अब राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान जन-गण-मन से पहले गाया जाएगा और इसे विशेष सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। यानी प्रमुख आयोजनों में वंदे मातरम् का गायन या वादन आवश्यक होगा।

नए नियमों में कहा गया है कि राष्ट्रीय गीत के छह अंतरे अनिवार्य रूप से गाए या बजाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड होगी। वर्तमान में राष्ट्रगान की अवधि 52 सेकंड है। अब यह भी स्पष्ट किया गया है कि किन अवसरों पर राष्ट्रीय गीत बजाना अनिवार्य होगा और कब उसके सम्मान में खड़ा होना आवश्यक है।

पहले राष्ट्रीय गीत, फिर राष्ट्रगान
यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाने हों, तो पहले वंदे मातरम् गाया या बजाया जाएगा और उसके बाद ही जन-गण-मन होगा।

किन अवसरों पर राष्ट्रीय गीत अनिवार्य होगा
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, सिविल सम्मान समारोह (जैसे पद्म पुरस्कार), आधिकारिक सरकारी आयोजनों और सरकार द्वारा आयोजित अन्य कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान के समय वंदे मातरम् गाना या बजाना अनिवार्य होगा।

आकाशवाणी और दूरदर्शन पर राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में भी राष्ट्रीय गीत बजाया जाएगा।

राज्यपाल या उपराज्यपाल के अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में किसी सरकारी समारोह में आने और जाने के समय भी राष्ट्रीय गीत बजाया जाएगा।

जब राष्ट्रीय ध्वज को परेड में लाया जाएगा, तब भी वंदे मातरम् बजाया जाएगा। इसके अलावा, सरकार द्वारा विशेष आदेश जारी होने पर भी इसे बजाना अनिवार्य होगा।

ऐसे अवसर जो औपचारिक न हों लेकिन मंत्रियों आदि की उपस्थिति के कारण महत्वपूर्ण हों, वहां भी राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय गीत बजाया जा सकता है। स्कूलों में भी सुबह राष्ट्रीय गीत बजाने की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है।

राष्ट्रीय गीत बजाने के दौरान पालन किए जाने वाले नियम
जब राष्ट्रीय गीत बजाया जाएगा, तो प्रारंभ में मृदंग की ध्वनि दी जाएगी ताकि लोगों को संकेत मिल सके कि गीत शुरू होने वाला है। मार्चिंग ड्रिल में सात धुनें बजेंगी, जो धीरे-धीरे तेज होकर अंत में फिर धीमी हो जाएंगी।

जब भी राष्ट्रीय गीत गाया या बजाया जाए, सभी लोगों को खड़े होना होगा।

हालांकि, यदि किसी समाचार या फिल्म में राष्ट्रीय गीत बजता है, तो दर्शकों को खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी और इससे प्रदर्शन में बाधा नहीं आनी चाहिए।

अनिवार्य छह छंद
सरकार द्वारा निर्धारित छह छंद निम्नलिखित हैं:-

वन्दे मातरम्
सुजलां सुफलां मलयज शीतलाम् शस्यश्यामलां मातरम्।
वन्दे मातरम्।

शुभ्रज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्, फुल्ल कुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्, सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्, सुखदां वरदां मातरम्। वन्दे मातरम्।

कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले, कोटि-कोटि भुजैधृत खरकरवाले, अबला केनो मां तुमि एतो बले, बहुवल धारिणीं, नमामि तारिणीं, रिपुदलवारिणीं मातरम्। वंदे मातरम्।

तुमि विद्या, तुमि धर्म, तुमि हृदि तुमि मर्म, त्वम् हि प्राणाः शरीरे, बाहुते तुमि मां शक्ति, हृदये तुमि मां भक्ति, तोमारेई प्रतिमा गड़ि, मन्दिरे-मन्दिरे मातरम्। वंदे मातरम्।

त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरण धारिणी कमला कमलदलविहारिणी। वाणी विद्यादायिनी नमामि त्वाम्, नमामि कमलाम् अमलाम् अतुलाम्, सुजलां सुफलां मातरम्। वन्दे मातरम्।

श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषिताम् धरणीं भरणीं मातरम्। वन्दे मातरम्।