नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नयी दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता यशपाल आर्य ने संयुक्त प्रेस वार्ता की और भाजपा पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया।
कुमारी शैलजा ने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा की सरकार के कार्यकाल में इस तरह की घटना का सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल का ‘शुद्धिकरण’ किया जाना एक ऐसी मानसिकता को दर्शाता है, जो समाज में नफरत और भेदभाव को बढ़ावा देती है। उन्होंने सवाल उठाया कि घटना में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई और सरकार इस मामले में चुप क्यों है।
शैलजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस घटना की निंदा करनी चाहिए थी, लेकिन अब तक उनकी ओर से इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर ऐसी मानसिकता को बढ़ावा दे रही है, जिससे समाज में नफरत और विभाजन की भावना मजबूत हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की घटनाओं के खिलाफ अपनी आवाज लगातार उठाती रहेगी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करती रहेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने घटना की आलोचना करते हुए कहा कि 21वीं सदी में इस प्रकार की घटना का होना पूरे उत्तराखंड के लिए शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना को लेकर पार्टी पूरे प्रदेश में विरोध और निंदा दर्ज कराएगी। गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान हमेशा भाईचारे, आपसी सम्मान और सामाजिक सौहार्द के लिए रही है, लेकिन भाजपा की कथित सोच और कार्यशैली ने राज्य की इस छवि को नुकसान पहुंचाया है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता यशपाल आर्य ने बताया कि आठ अगस्त को हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे ने एक जनसभा को संबोधित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि सभा समाप्त होने के बाद भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ का प्रयास किया। आर्य ने इस घटना को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे पार्टी की सोच और उसका कथित चेहरा सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में दलितों, कमजोर वर्गों और शोषित लोगों के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है और ऐसे मामलों पर सरकार को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में मौजूद कांग्रेस नेता गुरदीप सप्पल ने भी घटना को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस तरह की सोच को प्रोत्साहित कर रही है और सरकार की चुप्पी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सप्पल ने पूछा कि घटना के सामने आने के बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने गृह मंत्रालय की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि इस मामले में मंत्रालय की ओर से अब तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से मांग की कि कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक एकता और भाईचारे के लिए गंभीर चुनौती हैं। कांग्रेस ने भाजपा पर नफरत की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह लोकतांत्रिक और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ होने वाली ऐसी घटनाओं का विरोध करती रहेगी।







