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खाद्य निगरानी प्रभावी बनाने की मांग, उपभोक्ता हित संरक्षण मंच पर्सा की अपील

लोकल डेस्क, अजीत भुजेल।

रक्सौल: उपभोक्ता हित संरक्षण मंच नेपाल ने हाल के दिनों में बीरगंज तथा देश के विभिन्न स्थानों पर संचालित बाजार निगरानी एवं खाद्य स्वच्छता संबंधी समाचारों पर गंभीर ध्यानाकर्षण होने की बात कही है।

मंच ने रविवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समाचार माध्यमों द्वारा लगातार समाचार प्रसारित किए जाने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया है। साथ ही कहा है कि खाद्य स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मुख्य जिम्मेदारी संबंधित सरकारी निकायों की है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्वस्थ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ प्राप्त करना प्रत्येक नागरिक का नैसर्गिक अधिकार है। खाद्य पदार्थों के उत्पादन, बाजार निरीक्षण तथा गुणवत्ता परीक्षण की जिम्मेदारी खाद्य प्रौद्योगिकी एवं गुणवत्ता नियंत्रण विभाग तथा उसके अधीनस्थ कार्यालयों की है।

मंच का कहना है कि बाजार में निम्नस्तरीय एवं निर्धारित मानकों के विपरीत वस्तुओं की बिक्री–वितरण हो रही है, ऐसे में संबंधित निकायों द्वारा प्रभावी निगरानी और निरीक्षण आवश्यक है।
मंच ने विश्वास व्यक्त किया है कि जैसे-जैसे उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम बढ़ेंगे, बाजार में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। साथ ही खाद्य स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संबंधित सरकारी कार्यालयों को अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना चाहिए।

विज्ञप्ति में यह भी मांग की गई है कि खाद्य प्रौद्योगिकी एवं गुणवत्ता नियंत्रण विभाग द्वारा संचालित “मोबाइल न्याय स्थान” कार्यक्रम को मधेश प्रदेश के सभी आठ जिलों में कम से कम 10 से 12 दिनों तक संचालित किया जाए, ताकि खाद्य स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल हो सके।
उपभोक्ता हित संरक्षण मंच नेपाल के अध्यक्ष सुनील कुमार श्रेष्ठ द्वारा हस्ताक्षरित विज्ञप्ति में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य एवं अधिकारों की रक्षा के लिए बाजार निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु संबंधित निकायों से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया है।