Ad Image
Ad Image
तमिलनाडु के द. विरुधूनगर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, 21 की मौत 8 घायल || हताश प्रधानमंत्री ने झूठ बोलकर देश को गुमराह करने का प्रयास किया: खरगे || विपक्ष की महिला आरक्षण रोकने की साजिश, आधी आबादी को हक दिलाएंगे: PM मोदी || हॉर्मुज में भारतीय जहाजों पर गोलीबारी, दिल्ली ने ईरानी राजदूत को तलब किया || अंतर्राष्ट्रीय कानून अनुपालन की यूरोपीय संघ की अपील को ईरान ने पाखंड बताया || राष्ट्रपति ट्रंप ने तरनजीत संधू को दिल्ली का उप राज्यपाल बनने पर दी बधाई || सम्पूर्ण देश की विधायिका में आज से 33 फीसदी महिला आरक्षण कानून लागू || पटना: CM सम्राट चौधरी ने जन प्रतिनिधियों और अन्य से की शिष्टाचार भेंट || इजरायल और लेबनान के बीच आज से 10 दिनों के लिए सीजफायर लागू || बसपा सुप्रीमो मायावती का आरक्षण को लेकर कांग्रेस और सपा पर हमला

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

गन्ना विकास को मिलेगी नई दिशा, परामर्शदात्री समिति का गठन

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

पटना, गन्ना क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की आय में वृद्धि, गन्ना उत्पादन, उत्पादकता में सुधार और चीनी उद्योग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से सोमवार को ईखायुक्त श्री अनिल कुमार झा की अध्यक्षता में गन्ना परामर्शदात्री समिति का गठन किया गया।

इस समिति में ईख अनुसंधान संस्थान पूसा के निदेशक, गन्ना प्रजनक संस्थान कोयंबटूर के निदेशक को सदस्य, ईख विकास के संयुक्त निदेशक/ उपनिदेशक को सदस्य सचिव, राज्य में कार्यरत सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक, सभी सहायक निदेशक ईख विकास, ईखायुक्त द्वारा मनोनित प्रत्येक चीनी मिल क्षेत्र के एक-एक किसान और ईखायुक्त द्वारा गैर चीनी मिल क्षेत्र से मनोनित अधिकतम पांच किसानों को सदस्य बनाया गया है। 

गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार यह समिति गन्ना विकास की योजनाओं के सुत्रण, अनुश्रवण, गुणवत्ता में सुधार के लिए परामर्श देने के साथ ही नई योजना, इनोवेटिव घटक आदि पर अपना सुझाव देगी। इसके अलावा अन्य कोई विषय जो राज्य में गन्ना विकास, गन्ना किसान, गन्ना आधारित उद्योग के विकास के लिए आवश्यक हो उसके संबंध में परामर्श देगी। बताया जाता है कि आवश्यकतानुसार अन्य विभाग और विशेषज्ञों को इस समिति में शामिल किया जा सकता है।