गाबा का हीरो, गाले का रिकॉर्ड, आंकड़ों में जानिए क्यों हमेशा याद किए जाएंगे अजिंक्य रहाणे
स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिनकी महानता केवल रनों, शतकों और रिकॉर्ड से नहीं, बल्कि मुश्किल समय में टीम के लिए निभाई गई जिम्मेदारियों से तय होती है। अजिंक्य रहाणे उन्हीं चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं। शांत स्वभाव, बेहतरीन तकनीक और विदेशी सरजमीं पर दमदार बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने भारतीय क्रिकेट में अपनी ऐसी पहचान बनाई, जिसे सिर्फ आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के साथ रहाणे के करियर का एक सुनहरा अध्याय भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी। उन्होंने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जो आज भी भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम इतिहास का हिस्सा हैं।
जब पूरी दुनिया ने देखा रहाणे का नेतृत्व
दिसंबर 2020... एडिलेड टेस्ट में भारत सिर्फ 36 रन पर सिमट गया। कप्तान विराट कोहली स्वदेश लौट चुके थे और पूरी दुनिया को लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया भारत को आसानी से हरा देगा। लेकिन यहीं से शुरू हुई अजिंक्य रहाणे की सबसे बड़ी कहानी।
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर उन्होंने 112 रन की कप्तानी पारी खेली, टीम को जीत दिलाई और फिर युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम को ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऐतिहासिक जीत दिलाकर 2-1 से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने नाम की। गाबा में ऑस्ट्रेलिया 32 वर्षों से अजेय था, लेकिन रहाणे की कप्तानी में भारत ने वह किला भी फतह कर लिया। यही जीत उनके करियर की सबसे बड़ी पहचान बन गई।
सिर्फ बल्लेबाज नहीं, स्लिप कॉर्डन के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी
अजिंक्य रहाणे केवल शानदार बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन फील्डरों में भी गिने जाते हैं। अगस्त 2015 में श्रीलंका के गाले टेस्ट में उन्होंने एक मैच में 8 कैच लपककर इतिहास रच दिया। पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में पांच कैच लेकर उन्होंने एक टेस्ट मैच में सबसे अधिक कैच लेने के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और भारतीय क्रिकेट में नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह रिकॉर्ड आज भी उनकी शानदार फील्डिंग का सबसे बड़ा प्रमाण माना जाता है।
विदेशी सरजमीं पर भारत का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज
लॉर्ड्स का शतक, मेलबर्न की कप्तानी पारी, वेलिंग्टन, कोलंबो, किंग्स्टन और एंटीगा में शानदार शतक... रहाणे ने अपने करियर में बार-बार साबित किया कि कठिन विदेशी परिस्थितियां ही उनकी असली ताकत थीं। यही कारण है कि उन्हें भारतीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ विदेशी टेस्ट बल्लेबाजों में गिना जाता है।
करियर इन नंबर (अंतरराष्ट्रीय + आईपीएल)
फॉर्मेट| मैच| चौके| छक्के| शतक| अर्धशतक
टेस्ट| 85| 579| 35| 12| 26
वनडे| 90| 293| 33| 3| 24
टी20I| 20| 32| 6| 0| 1
आईपीएल| 212| 539| 141| 2| 35
कुल| 407| 1,443| 215| 17| 86
टेस्ट क्रिकेट में रहाणे ने 5,077 रन, वनडे में 2,962 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 375 रन बनाए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल को मिलाकर उनके नाम 407 मैच, 1,443 चौके, 215 छक्के, 17 शतक और 86 अर्धशतक दर्ज हैं।
आईपीएल में भी रचा था इतिहास
15 अप्रैल 2012 को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए रहाणे ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज एस. अरविंद के एक ओवर की छहों गेंदों पर लगातार छह चौके जड़ दिए। उसी मुकाबले में उन्होंने 60 गेंदों पर नाबाद 103 रन की शानदार शतकीय पारी खेली और राजस्थान रॉयल्स को 59 रन से जीत दिलाई। यह आईपीएल इतिहास के सबसे यादगार बल्लेबाजी प्रदर्शनों में से एक माना जाता है।
रनों से कहीं बड़ी है रहाणे की विरासत
अजिंक्य रहाणे का करियर सिर्फ रिकॉर्ड बुक में दर्ज आंकड़ों तक सीमित नहीं है। जब भारतीय टीम संकट में होती थी, तब अक्सर रहाणे का बल्ला सबसे पहले जवाब देता था। उन्होंने कभी सुर्खियों की तलाश नहीं की, लेकिन अपने खेल से करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। उनकी शांत कप्तानी, विदेशी धरती पर यादगार शतक, गाबा की ऐतिहासिक जीत और गाले का अनोखा कैच रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट की अमूल्य धरोहर हैं।
संन्यास के साथ एक युग जरूर समाप्त हुआ है, लेकिन भारतीय क्रिकेट का यह 'साइलेंट वॉरियर' हमेशा उन खिलाड़ियों में गिना जाएगा, जिन्होंने शोर नहीं, बल्कि अपने प्रदर्शन से इतिहास लिखा।







