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गुरमीत मान का निधन: पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में फिर छाया मातम

एंटरटेनमेंट डेस्क – वेरोनिका राय |

गुरमीत मान का निधन: राजवीर जवंदा के बाद पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में फिर छाया मातम, तीन दिन में दूसरा बड़ा झटका

पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए साल 2025 किसी बुरे सपने से कम नहीं साबित हो रहा है। अभी कुछ ही दिन पहले मशहूर पंजाबी गायक राजवीर जवंदा के निधन की खबर से फैंस उबर भी नहीं पाए थे कि अब एक और दिल तोड़ देने वाली खबर सामने आ गई है। रोपड़ (पंजाब) के लोकप्रिय लोक गायक गुरमीत मान का निधन हो गया है। यह दुखद घटना 10 अक्टूबर 2025 को हुई, जिससे पूरी इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है।

तीन दिन में दूसरा बड़ा नुकसान

राजवीर जवंदा के निधन की खबर 8 अक्टूबर को आई थी, और उसके सिर्फ तीन दिन बाद गुरमीत मान की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया। बताया जा रहा है कि गुरमीत मान एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने अंतिम सांस ली। हालांकि, अब तक उनके निधन के पीछे की पूरी वजह आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है।

गुरमीत मान – पंजाबी लोक संगीत का उभरता सितारा

गुरमीत मान पंजाबी लोक संगीत की दुनिया में एक उभरता हुआ नाम थे। उन्होंने अपने दिल छू लेने वाले गीतों और लोकधुनों से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी। पंजाब के ग्रामीण जीवन, प्यार, और परंपराओं को उन्होंने अपने गीतों के ज़रिए खूबसूरती से पेश किया। उनकी गायकी में मिट्टी की खुशबू और सादगी झलकती थी।
उनके कई गाने सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे और यूट्यूब पर लाखों बार देखे गए। फैंस उन्हें “लोक आवाज़ दा मान” के नाम से भी जानते थे।

फैंस और साथी कलाकारों में शोक की लहर

गुरमीत मान के निधन की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर उनके चाहने वालों का सैलाब उमड़ पड़ा। कई बड़े पंजाबी गायक, जैसे कंवर ग्रेवाल, मनकीरत औलख, और रंजीत बावा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने इसे पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।
एक फैन ने लिखा, “पहले राजवीर जवंदा और अब गुरमीत मान... ये साल पंजाबी संगीत प्रेमियों के लिए बहुत दर्द लेकर आया है।”

संगीत जगत में गहरा खालीपन

पंजाबी संगीत जगत में गुरमीत मान की आवाज़ और उनकी गायकी ने जो असर छोड़ा था, उसे भरना मुश्किल है। उनकी गायकी में लोक संस्कृति की गहराई और भावनाओं की मिठास दोनों का संगम था।
संगीत समीक्षकों का मानना है कि “गुरमीत मान भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गाने हमेशा उन्हें जिंदा रखेंगे। उनके संगीत ने पंजाब की परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाया।”

परिवार और अंतिम संस्कार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरमीत मान के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव रोपड़ लाया गया, जहां शुक्रवार सुबह उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया गया। अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों फैंस और स्थानीय लोग उमड़ पड़े। माहौल बेहद भावुक था—हर किसी की आंखें नम थीं।

सिर्फ तीन दिनों के अंदर पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री ने अपने दो होनहार सितारे खो दिए हैं—राजवीर जवंदा और गुरमीत मान। यह दोनों कलाकार अपने संगीत से लाखों दिलों पर राज करते थे। अब दोनों की यादें उनके गानों के ज़रिए हमेशा जिंदा रहेंगी। पंजाबी संगीत प्रेमियों के लिए यह वक्त गहरे सदमे और शोक का है।