एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा।
मुंबई। अभिनेता और पूर्व सांसद गोविंदा ने अपने निजी और पारिवारिक जीवन से जुड़ी कथित झूठी और अपुष्ट खबरों के खिलाफ सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। नोटिस में मीडिया संस्थानों, डिजिटल मंचों और सामग्री निर्माताओं को गोविंदा और उनके परिवार से संबंधित झूठी, मानहानिकारक या मनगढ़ंत सामग्री प्रकाशित या साझा करने से बचने की चेतावनी दी गई है।
यह नोटिस ऐसे समय में सामने आया है, जब सोशल मीडिया पर गोविंदा की निजी जिंदगी और कथित दूसरी शादी को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हाल ही में उनकी पत्नी सुनीता आहूजा और अभिनेत्री राखी सावंत के बीच हुई बातचीत का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें सुनीता ने दावा किया था कि उन्होंने तलाक की याचिका वापस लेने का फैसला गोविंदा की कथित शादी की योजना के बारे में जानने के बाद किया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ऑनलाइन चर्चाओं में अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार का नाम भी गोविंदा से जोड़ा गया। गोविंदा की ओर से जारी नोटिस का उद्देश्य ऐसी अपुष्ट और कथित रूप से भ्रामक जानकारियों के प्रसार पर रोक लगाना है। नोटिस में इन दावों को सत्य मानकर पेश करने के बजाय उनके प्रसार के खिलाफ कानूनी चेतावनी दी गई है।
नोटिस में केवल लिखित खबरों का ही उल्लेख नहीं है। गोविंदा की ओर से तस्वीरों, वीडियो, ऑडियो, बदली हुई तस्वीरों, डीपफेक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार सामग्री को लेकर भी चेतावनी दी गई है। नोटिस के अनुसार, गोविंदा ने अपनी आवाज, तस्वीर, पहचान या निजी और पारिवारिक जीवन से संबंधित सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता या डिजिटल तकनीक के जरिए बनाने या बदलने की अनुमति किसी को नहीं दी है।
नोटिस में कहा गया है कि कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री तैयार करने या फैलाने वालों के खिलाफ लागू कानूनों के तहत नागरिक और आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। इसमें मानहानि, निजता के उल्लंघन, पहचान के दुरुपयोग और साइबर अपराध से संबंधित कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।
गोविंदा की ओर से जारी नोटिस में 100 करोड़ रुपये तक के क्षतिपूर्ति दावे की चेतावनी भी दी गई है। यह रकम किसी अदालत द्वारा लगाया गया जुर्माना नहीं है, बल्कि कथित उल्लंघनों के मामले में कानूनी कार्रवाई के तहत मांगी जा सकने वाली क्षतिपूर्ति की चेतावनी है। नोटिस में जरूरत पड़ने पर अदालत से अन्य कानूनी राहत लेने की बात भी कही गई है।
इस पूरे मामले में गोविंदा की ओर से मुख्य संदेश यही है कि उनके और उनके परिवार से संबंधित अपुष्ट या भ्रामक सामग्री को तथ्य के रूप में प्रसारित न किया जाए। फिलहाल उनकी कथित कोर्ट मैरिज या किसी दूसरी शादी की सोशल मीडिया चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को खबर में तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।







