स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
• आवास योजना में अतिरिक्त लाभ देने वाला बिहार देश का पहला राज्य
• ग्रामीण विकास विभाग में सीजीआरएम पोर्टल का हुआ शुभारंभ
• पोर्टल में मिलेगी ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को शिकायतें दर्ज कराने की सुविधा, योजनाओं की निगरानी भी होगी आसान
पटना। ग्रामीण विकास विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री सह जदयू विधायक दल के नेता श्री श्रवण कुमार ने कहा कि विभागीय योजनाओं की अब ऑनलाइन निगरानी की जाएगी।
इससे ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को समय से पारदर्शी तरीके से योजनाओं का लाभ मिलेगा और ग्रामीण विकास की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ेगा। श्री कुमार ने यह बातें शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग की ओर से शुरू किए गए केंद्रीकृत ग्रामीण योजना अनुश्रवण एवं क्रियाशीलता पर्यवेक्षण प्रणाली (सीजीआरएम) पोर्टल के उद्घाटन अवसर पर कही। उन्होंने इस पोर्टल का उद्घाटन रिमोट से किया।
विभागीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी और दूसरे गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कुमार ने कहा कि प्रधान सचिव और दूसरे अधिकारियों के प्रयासों का ही परिणाम है कि विभाग ने आज एकीकृत डिजिटल योजना का शुभारंभ किया। इस व्यवस्था से लोगों को राज्य की योजनाओं की जानकारी मिलेंगी और लोग अपनी शिकायतें भी पोर्टल पर दर्ज करा पाएंगे। बताया कि इससे पहले ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को विभागीय योजनाओं की जानकारी के लिए कार्यालय और उसकी अलग-अलग शाखाओं में चक्कर काटना पड़ता था।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास एक महत्वपूर्ण विभाग है। इसमें गांव के गरीबों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन होता है। पूरे देश में बिहार ही एक ऐसा राज्य है जहां आवास योजना में गरीबों को अतिरिक्त लाभ दिया जाता है। भूमिहीनों को जमीन खरीदने, 1996 से पूर्व निर्मित क्षत-विक्षत मकानों के मरम्मतीकरण, पीएम आवास योजना से वंचित लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मुहैया कराने के साथ-साथ दूसरी कई ऐसी योजनाएं यहां संचालित हैं। कुछ राज्यों ने बिहार के पदचिन्हों पर चलते हुए कुछ योजनाओं को अब लागू करना शुरू किया है।
श्री कुमार ने बताया कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का उन्नयन और उनके विकास की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गरीबों के प्रति संवेदना और उनके अथक प्रयासों से संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि पूर्व सीएम ने बिहार को अव्वल पांच राज्यों में शामिल करने का संकल्प लिया था। यह तभी संभव होगा जब ग्रामीण विकास की योजनाएं धरातल पर पहुंचेंगी। योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने और उनके तकनीकी आधारित क्रियान्वयन के सपने को पूरा करने के लिए विभाग ने पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल के माध्यम से गांव में रहने वाले लोगों को योजनाओं का बेहतर से बेहतर लाभ मिलेगा।
इससे पहले विभागीय प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास की दिशा में विभाग की चार आधार स्तंभ आवास, स्वच्छता, स्वरोजगार, ग्रामीण रोजगार जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण हैं। यह सभी योजनाएं ग्रामीण परिवेश को उन्नति की राह पर ले जाती हैं। कहा कि जब हमारी जवाबदेही होगी तो लोगों की अपेक्षाएं बढ़ेंगी। उन उपेक्षाओं पर खरा उतरने की दिशा में डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में पोर्टल बनाया गया। इससे विभागीय योजनाओं की सतत निगरानी होगी और लोगों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए घर बैठे खुला मंच मिलेगा। भविष्य में पोर्टल में गुणात्मक सुधार के लिए इसे एआई आधारित किया जाएगा।
जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने कहा कि योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन में निगरानी की भूमिका महत्वपूर्ण है। विभाग की ओर से बनाए गए इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का गांव में रहने वाले गरीब-गुरबों को बड़ा लाभ मिलेगा। विभागीय कामकाज समय से पारदर्शी तरीके से संपन्न होगा और लोगों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो सकेगा। कार्यक्रम में जल-जीवन-हरियाली अभियान, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, आवास, विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), जीविका आदि योजनाओं के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।







