स्टेट डेस्क, एन के सिंह।
पूर्वी चंपारण के लिए 7 'महा-संकल्पों' का ऐतिहासिक ऐलान।
महिलाओं को 2 लाख की मदद। सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज - अस्पताल।
सदर अस्पताल बनेगा सुपर स्पेशलिटी।
पूर्वी चंपारण: महात्मा गांधी की कर्मभूमि और सत्याग्रह की तपोभूमि 'चंपारण' आज एक बार फिर ऐतिहासिक बदलाव की गवाह बनी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी 'समृद्धि यात्रा' के तहत मोतिहारी के गांधी मैदान में जनसैलाब को संबोधित करते हुए विकास का ऐसा 'ब्लूप्रिंट' पेश किया, जिसने जिले की भविष्य की तस्वीर बदल दी है। 2025 से 2030 के अगले पांच वर्षों का विजन साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्वी चंपारण के लिए 7 महा-संकल्पों की घोषणा की। 138 करोड़ की योजनाओं की सौगात देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब चंपारण सिर्फ इतिहास के लिए नहीं, बल्कि आधुनिक विकास के लिए जाना जाएगा।
नारी शक्ति को 2 लाख की संजीवनी और बंद चीनी मिलों का पुनरुद्धार
मुख्यमंत्री ने जिले की आधी आबादी के लिए सबसे बड़ा दांव खेला है। उन्होंने ऐलान किया कि जिले की 7.81 लाख महिलाएं, जिन्हें शुरुआती मदद दी गई थी, उन्हें अब स्वरोजगार और उद्योगों से जोड़ने के लिए 2-2 लाख की अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। नीतीश कुमार ने हुंकार भरते हुए कहा कि चंपारण की बेटियां अब राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेंगी। साथ ही, किसानों के जख्मों पर मरहम लगाते हुए उन्होंने संकल्प लिया कि जिले की बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित किया जाएगा, ताकि खेती और किसानी में फिर से वही पुरानी चमक लौट सके।
शिक्षा और स्वास्थ्य में 'सुपर स्पेशलिटी' क्रांति
चंपारण के युवाओं और मरीजों के लिए मुख्यमंत्री ने झोली खोल दी है। उन्होंने घोषणा की कि जिले के सभी 27 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज और आदर्श विद्यालय खोले जाएंगे, ताकि शिक्षा के लिए पलायन रुके। स्वास्थ्य क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा सुधार करते हुए मोतिहारी सदर अस्पताल को 'सुपर स्पेशलिटी' अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, सभी 27 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 'विशिष्ट अस्पताल' का दर्जा देकर वहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। खेलों को बढ़ावा देने के लिए एक अत्याधुनिक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के निर्माण का भी संकल्प लिया गया, जो जिले के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगा।
श्वेत क्रांति और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने 'श्वेत क्रांति' का मॉडल पेश किया। जिले की सभी 396 पंचायतों में सुधा दूध बिक्री केंद्र और शेष 275 गांवों में दुग्ध समितियों का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने मोतिहारी में एयरपोर्ट निर्माण के लिए कड़े निर्देश दिए और घुड़दौड़ पोखर के जीर्णोद्धार की योजना को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने इब्राहिमपुर, बलुआ, गुआबाड़ा और मजुराहा में पुल निर्माण कार्यों की समीक्षा की और बागमती नदी पर तटबंध के लिए भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने का आदेश दिया।
प्रशासनिक पारदर्शिता और 'प्रशासन आपके द्वार'
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव और डीजीपी की मौजूदगी में नीतीश कुमार ने अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 'सबका सम्मान, जीवन आसान' के तहत बिचौलियों का अंत कर सरकारी लाभ सीधे जनता तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आईटीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रोबोटिक्स लैब का निरीक्षण किया और युवाओं की तकनीकी दक्षता देख गदगद हुए। जीविका दीदियों और नए उद्यमियों से सीधा संवाद कर उन्होंने यह संदेश दिया कि बिहार में अब उद्योग और नवाचार का दौर शुरू हो चुका है।
धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन का नया स्वरूप
चंपारण की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए सोमेश्वर मंदिर और सीताकुंड के विकास कार्य का आगाज हो गया है। बरहरवा लखनसेन और चिरैया जैसे ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से उभारने की तैयारी है। 138 करोड़ की कुल योजनाओं में से 34 करोड़ का शिलान्यास कर मुख्यमंत्री ने यह साफ कर दिया कि अगले पांच वर्षों में पूर्वी चंपारण 'समृद्धि' के एक नए शिखर पर होगा।
नीतीश कुमार की इस यात्रा ने न केवल विकास की नई लकीर खींची है, बल्कि 2025 के चुनावी शंखनाद से पहले जनता का भरोसा जीतने की दिशा में एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक भी खेला है। गांधी मैदान की तालियों की गड़गड़ाहट बता रही थी कि चंपारण की जनता ने 'समृद्धि' के इस रोडमैप को स्वीकार कर लिया है।







