विदेश डेस्क : ऋषि राज
ताइपे/बीजिंग: पूर्वी एशिया में चक्रवाती तूफान 'बावी' के तटीय क्षेत्रों से टकराने की आशंका के बीच ताइवान और चीन में व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तूफान के प्रभाव से तेज हवाएं, मूसलाधार बारिश, समुद्र में ऊंची लहरें और भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
ताइवान के अधिकारियों के अनुसार अब तक 14 हजार से अधिक लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। कई तटीय इलाकों में स्कूल, सरकारी कार्यालय और पर्यटन स्थलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। समुद्री गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है तथा मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। राहत दलों, दमकल कर्मियों और चिकित्सा टीमों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैनात किया गया है।
तूफान के शुरुआती प्रभाव से दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जबकि कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। प्रशासन बिजली सेवाएं बहाल करने और संचार व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि लगातार बारिश से भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
चीन के तटीय प्रांतों में भी स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। बंदरगाहों पर जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी गई है तथा आपदा प्रबंधन एजेंसियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। राहत सामग्री, दवाइयों और आवश्यक खाद्य पदार्थों का भंडारण भी बढ़ाया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हाल के वर्षों में समुद्री तूफानों की तीव्रता और आवृत्ति में वृद्धि देखी गई है। इसलिए ऐसे प्राकृतिक संकटों से निपटने के लिए समय रहते चेतावनी प्रणाली, सुरक्षित निकासी और प्रभावी राहत व्यवस्था बेहद आवश्यक हो गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें, अफवाहों से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आने वाले 24 घंटे स्थिति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।







