नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय
नई दिल्ली: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने शनिवार को अपने विरोध अभियान को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। पार्टी ने एक ही दिन देशभर के 26 शहरों में समानांतर रूप से संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर करारा हमला बोला। पार्टी ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भाजपा और केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की।
कांग्रेस के अनुसार यह अभियान अचानक शुरू नहीं हुआ। इससे पहले शुक्रवार को भी देशभर में कई पत्रकार वार्ताएं आयोजित की गई थीं, और शनिवार को इस मुहिम को और व्यापक बनाते हुए एक साथ अनेक शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गईं। पार्टी सूत्रों ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी संवाददाता सम्मेलन प्रस्तावित हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस इस मामले को लंबे समय तक जिंदा रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि इस मामले में निष्पक्ष जांच के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सामान्यतः ऐसे मामलों में पहले प्राथमिकी दर्ज होती है, लेकिन यहां सीधे विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया गया, जो शक पैदा करता है।
पार्टी की ओर से यह भी मांग की गई कि पूरे प्रकरण की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी वरिष्ठ न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए और अब तक हुए सभी लेन-देन का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए। कांग्रेस नेताओं ने यह आरोप भी लगाया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से समुचित पूछताछ के बिना ही उन्हें जेल भेज दिया गया, जिससे बड़े नामों तक पहुंचने से रोका जा रहा है।
पार्टी के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आई कथित गड़बड़ियों ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को गहरी चोट पहुंचाई है, लेकिन सरकार अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है। कांग्रेस का यह भी कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में सामने आई कथित चोरी की घटनाओं और पिछले वर्षों की ऑडिट रिपोर्टों के आधार पर पूरे मामले का ब्योरा जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
देशभर के इन प्रेस कॉन्फ्रेंसों के माध्यम से कांग्रेस के विभिन्न वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस विषय पर चुप्पी तोड़ने, देश के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। पार्टी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा तथा इसे गांव-गांव तक ले जाने की योजना है।
यह मुद्दा फिलहाल राष्ट्रीय राजनीति में गरमाया हुआ है और मंदिर ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद विवाद ने और तूल पकड़ लिया है। सरकार या मंदिर प्रशासन की ओर से इस पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है।







