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चीन-पाकिस्तान ने सीपीईसी विस्तार और रणनीतिक साझेदारी तेज करने पर जताई सहमति

विदेश डेस्क, ऋषि राज।

बीजिंग: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की हालिया चीन यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने पर सहमति बनी है। बीजिंग में जारी संयुक्त बयान में चीन और पाकिस्तान ने अपनी “सदाबहार रणनीतिक साझेदारी” को नई ऊंचाइयों तक ले जाने तथा चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) परियोजना के विस्तार को तेज करने का ऐलान किया। दोनों देशों ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, ऊर्जा, व्यापार और बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

संयुक्त बयान के अनुसार, चीन और पाकिस्तान ने सीपीईसी परियोजना को दक्षिण एशिया और मध्य एशिया के बीच आर्थिक संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। दोनों देशों ने ग्वादर बंदरगाह को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित करने और परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने पर सहमति जताई। इसके अलावा ऊर्जा परियोजनाओं, रेलवे विस्तार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास से जुड़े कई नए प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि चीन हमेशा कठिन समय में पाकिस्तान का भरोसेमंद साझेदार रहा है। उन्होंने चीन के निवेश और आर्थिक सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सीपीईसी परियोजनाएं पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वहीं चीन ने भी पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए हरसंभव सहयोग जारी रखने का भरोसा दिलाया।

विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब दक्षिण एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। चीन जहां अपनी बेल्ट एंड रोड पहल को मजबूत करना चाहता है, वहीं पाकिस्तान आर्थिक चुनौतियों से उबरने के लिए चीनी निवेश पर अधिक निर्भर होता जा रहा है।

हालांकि, सीपीईसी परियोजना को लेकर भारत पहले भी आपत्ति जताता रहा है। भारत का कहना है कि यह परियोजना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरती है, जो उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है। इसके बावजूद चीन और पाकिस्तान ने परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि चीन-पाकिस्तान संबंधों की यह नई मजबूती आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति और रणनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के मुद्दों पर भी साथ काम करने का भरोसा जताया है।