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चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान 2 अक्टूबर से

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।

नई दिल्ली। विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं। गठबंधन ने इन मुद्दों को लेकर 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान चलाने की घोषणा की है।

20 दलों के नेताओं ने की बैठक

बुधवार को यहां गठबंधन की करीब ढाई घंटे तक बैठक चली। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संवाददाताओं को बताया कि बैठक में चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर मिलकर लड़ाई लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। बैठक में 20 दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया।

श्री खरगे ने कहा कि गठबंधन के घटक दल 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देश के प्रत्येक जिले में ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान चलाएंगे। इस दौरान जिलाधिकारियों के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।

6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च

खरगे ने बताया कि 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी दलों के सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल उन्हें ‘वोट चोरी’ से जुड़े मुद्दों और सरकार के क्रियाकलापों को लेकर अपनी चिंता से अवगत कराएगा।

अभियान में जनता, युवाओं और लोकतंत्र तथा एकता के लिए प्रतिबद्ध अन्य संगठनों को भी शामिल किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि विपक्ष देशभर में पांच बड़ी रैलियां भी आयोजित करेगा। इनकी तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी। पहली बड़ी रैली नवंबर में दिल्ली में होगी।

‘वोट चोरी’ और ‘वोटबंदी’ को लेकर आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के संरक्षण में चुनावों में ‘वोट चोरी’ हो रही है। उन्होंने कहा कि श्री राहुल गांधी जिन मुद्दों को पहले से उठा रहे थे, अब वे बातें सही साबित होती दिखाई दे रही हैं।

उन्होंने कहा, “नोटबंदी की तरह अब 'वोटबंदी' के जरिए लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं।” उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित सभी मामलों का उच्चतम न्यायालय में जल्द निपटारा किए जाने की मांग की, ताकि लोगों को न्याय मिल सके। साथ ही उन्होंने हर चुनाव मतपत्रों से कराने की मांग भी दोहराई।

ममता ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कई राज्यों में ‘वोट चोरी’ कर चुनाव जीते हैं और चुनाव आयोग तथा शीर्ष न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के बावजूद विपक्ष की शिकायतों का समाधान नहीं हुआ।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि उन्हें पद से नहीं हटाया गया तो आंदोलन और आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को लेकर भी आरोप लगाए।

राहुल गांधी ने संविधान की रक्षा की बात कही

श्री गांधी ने कहा कि ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर सभी विपक्षी दलों की राय एक जैसी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी, श्री शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला किया है। श्री गांधी ने कहा कि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी। इंडिया गठबंधन एकजुट होकर संविधान की रक्षा की लड़ाई लड़ेगा।

बैठक में कई प्रमुख नेता रहे मौजूद

गठबंधन की बैठक में श्री खरगे के अलावा कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की महबूबा मुफ्ती, पूर्व केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेन्द्र सिंह मलिक और मोहिबुल्ला नदवी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले और जितेंद्र आव्हाड, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एम ए बेबी तथा सांसद जॉन ब्रिटास, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और आरएसपी के एन.के. प्रेमचंद्रन तथा कुछ अन्य दलों के नेता मौजूद थे।

शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में अपनी बात रखी। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव बैठक में मौजूद नहीं थे। बताया गया कि वह लखनऊ में पार्टी के कार्यों में व्यस्त होने के कारण नहीं आ पाये। आम आदमी पार्टी तथा द्रविड मुनेत्र कषगम ने पहले ही बैठक में शामिल नहीं होने की घोषणा कर दी थी।