नेशनल डेस्क, रानी कुमारी
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही सरकार को देश के आर्थिक “संकट” की याद आ गई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि देश के सामने सबसे बड़ा संकट भाजपा की नीतियां हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की हालिया आर्थिक अपीलों और नीतियों को उसकी विफलताओं का प्रमाण बताते हुए कहा कि यदि देश में लगातार आर्थिक पाबंदियां और अस्थिरता बनी रहेगी, तो पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना कैसे पूरा होगा।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के हाथ से अर्थव्यवस्था की लगाम छूट चुकी है। उन्होंने कहा कि डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है, जबकि भारतीय रुपया कमजोर पड़ता जा रहा है। उनके अनुसार, यह स्थिति देश की आर्थिक नीतियों की कमजोरी और सरकार की गलत प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
सोने की खरीद को लेकर केंद्र सरकार की अपील पर भी अखिलेश यादव ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आम जनता की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह बड़ी मात्रा में सोना खरीद सके। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “डेढ़ लाख तोला सोना खरीदने की स्थिति में जनता नहीं, बल्कि भाजपा के लोग अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं।”
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी “लखनऊ से लेकर गोरखपुर और अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी तक” पहुंच सकती है। उनके इस बयान को भाजपा सरकार पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों और देश की आर्थिक स्थिति को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं भाजपा की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







