Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

चुनाव से पहले भाषा युद्ध की बात कर रहीं ममता बनर्जी

स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार |

चुनाव से पहले भाषा युद्ध की बात कर रहीं ममता बनर्जी, बांग्ला विरोध को बताया 'भाषाई आतंकवाद'
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अब लगभग 10 महीने का समय बचा है। अगले वर्ष अप्रैल-मई में राज्य में चुनाव होने हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्ला भाषा के मुद्दे को फिर से जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है। देश के कुछ हिस्सों में अवैध बांग्लादेशियों को लेकर उठ रहे सवालों को उन्होंने बंगालियों के उत्पीड़न से जोड़ा है। गुरुवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि अब एक नए भाषा आंदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों को बांग्लादेशी कहकर हिरासत में लिया जा रहा है और रोजगार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने इस स्थिति को "भाषाई आतंकवाद" करार दिया।

भाषा के मुद्दे को उछालकर और आंदोलन की बात कर ममता बनर्जी ने संकेत दिया है कि वे चुनाव तक इस विषय को प्रमुख बनाए रखेंगी। पहले भी वे चुनावी रणनीति में बांग्ला पहचान को उभारती रही हैं और अब एक बार फिर वही रुख अपनाती दिख रही हैं। उन्होंने कहा कि बंगाली भाषा के खिलाफ जो माहौल बनाया जा रहा है, वह बेहद खतरनाक है। यह भाषा दुनिया में पांचवें स्थान पर बोली जाती है और देश में लगभग 30 करोड़ लोग इसे बोलते हैं, इसके बावजूद उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत बात नहीं, बल्कि सभी बांग्ला भाषी लोगों की चिंता है। भाषा पर हमला स्वीकार्य नहीं है। बंगाल की मिट्टी और पहचान की रक्षा के लिए वे किसी भी हद तक जाएंगी। हाल ही में एनसीआर क्षेत्र के गुरुग्राम में कुछ बांग्ला भाषी लोगों को हिरासत में लिए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे निंदनीय बताया। गौरतलब है कि बंगाल के अलावा असम, त्रिपुरा जैसे राज्यों में भी बांग्ला भाषी आबादी बड़ी संख्या में है।