नेशनल डेस्क, श्रेया पांडेय
जयपुर: जयपुर के चौमूं कस्बे में शुक्रवार तड़के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब एक विशेष समुदाय की भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर जबरदस्त पथराव कर दिया। घटना उस वक्त की है जब पुलिस प्रशासन की टीम भारी जाब्ते के साथ बस स्टैंड के पास स्थित एक धर्मस्थल के बाहर सड़क किनारे किए गए अवैध पक्के निर्माण और लोहे की रेलिंग को हटाने पहुँची थी। बताया जा रहा है कि इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और प्रशासन ने पहले ही इसे हटाने के निर्देश दिए थे। जैसे ही जेसीबी ने अतिक्रमण ढहाना शुरू किया, वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते विरोध ने हिंसक रूप ले लिया और अंधेरे का फायदा उठाकर गलियों और छतों से पुलिस पर पत्थरों की बारिश शुरू कर दी गई।
इस अचानक हुए हमले में चार से पांच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए और पुलिस के वाहनों को भी नुकसान पहुँचा। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही जयपुर से अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर और भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा, जिसके बाद पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़े और सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें न फैलें, इसके लिए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर चौमूं और आसपास के इलाकों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं।
वर्तमान में कस्बे के बाजार बंद हैं और चप्पे-चप्पे पर हथियारबंद जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उन उपद्रवियों की पहचान कर रही है जिन्होंने कानून व्यवस्था को हाथ में लिया और पुलिस टीम पर हमला किया। अब तक करीब एक दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। प्रशासन ने शांति समिति की बैठक बुलाकर लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर विश्वास न करने की अपील की है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियातन फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है ताकि आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव बना रहे और शांति व्यवस्था पूरी तरह बहाल हो सके।







