नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
रांची, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने झारखंड सरकार से आंदोलनरत छात्रों की जायज मांगों को तत्काल स्वीकार करने और उनके साथ बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार, जेपीएससी और जेएसएससी में पारदर्शिता तथा पेपर लीक के विरोध में आवाज उठा रहे छात्रों पर रांची में सरकार की ओर से बर्बर लाठीचार्ज कराया गया।
महेंद्र पाठक ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस की कार्रवाई में दर्जनों छात्र घायल हुए हैं, जबकि सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किए जाने का आरोप है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले युवाओं के प्रति सरकार का असंवेदनशील रवैया बताया और कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए।
भाकपा प्रदेश सचिव ने कहा कि राज्य के युवा रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा पेपर लीक जैसी शिकायतों को लेकर छात्रों में असंतोष है। ऐसे में सरकार को उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और उनकी गिरफ्तारी झारखंड सरकार की विफलता को दर्शाती है। उनके अनुसार, सरकार को छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन पर कार्रवाई करने से बचना चाहिए था। उन्होंने मांग की कि गिरफ्तार छात्रों के मामले में सरकार संवेदनशीलता दिखाए और पूरे विवाद का जल्द समाधान करे।
महेंद्र पाठक ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई हार और सरकार की बदनामी के कारण भाजपा अब छात्रों के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहा रही है और इसे ‘बदले की राजनीति’ के रूप में पेश कर रही है।
भाकपा नेता ने कहा कि भाजपा की छात्रों के प्रति चिंता वास्तविक नहीं है। उनके मुताबिक, भाजपा का मुख्य उद्देश्य झारखंड में सत्ता हासिल करना है और इसी राजनीतिक उद्देश्य के तहत वह छात्र आंदोलन के मुद्दे को उठा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकार और उनकी जायज मांगें किसी भी राजनीतिक दल के सत्ता संघर्ष से अलग महत्वपूर्ण मुद्दा हैं।
महेंद्र पाठक ने झारखंड सरकार से अपील की कि वह छात्रों के प्रतिनिधियों से तत्काल बातचीत करे, उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले और आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा कराए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।







